जमशेदपुर। रविवार को जमशेदपुर में आरटीआई कार्यकर्ता संघ की केंद्रीय समिति की बैठक पुराना कोर्ट परिसर स्थित बाल मजदूर मुक्ति सेवा संस्थान में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय अध्यक्ष दिलबहादुर ने की। बैठक के बाद आयोजित संवाददाता सम्मेलन में संघ के पदाधिकारियों ने राज्य में सूचना आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए।
केंद्रीय अध्यक्ष दिलबहादुर ने कहा कि सूचना आयुक्त और मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति सरकार का स्वागत योग्य कदम है, जो लंबे समय से संघ के आंदोलन और न्यायालयों में दायर याचिकाओं का परिणाम है। उन्होंने बताया कि उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद यह प्रक्रिया संभव हो सकी है। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि इन नियुक्तियों में सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया गया।
दिलबहादुर ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया था कि सूचना आयुक्तों की नियुक्ति विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिष्ठित और योग्य व्यक्तियों में से की जानी चाहिए, लेकिन राज्य सरकार ने राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों को नियुक्त कर इस पद की गरिमा को ठेस पहुंचाई है। उन्होंने इसे सरकार और विपक्ष के बीच मिलीभगत कर पदों का बंटवारा बताया, जिससे सूचना आयोग के उद्देश्य पर सवाल खड़े हो गए हैं।
उन्होंने आगे कहा कि इस मुद्दे को लेकर संघ जल्द ही राज्यपाल संतोष गंगवार को ज्ञापन सौंपेगा और वर्तमान नियुक्तियों को निरस्त करने की मांग करेगा। साथ ही, सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुरूप आरटीआई कार्यकर्ताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न क्षेत्रों के योग्य व्यक्तियों को इन पदों पर नियुक्त करने की मांग की जाएगी।
संघ के केंद्रीय महासचिव कृतिवास मंडल ने कहा कि आरटीआई कार्यकर्ताओं को सूचना मांगने पर अक्सर जान से मारने की धमकियां मिलती हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से उन्हें पर्याप्त सुरक्षा या कानूनी सहायता नहीं दी जाती। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन कई बार आरोपियों को बचाने का काम करता है, जिससे कार्यकर्ताओं का मनोबल गिरता है।
इस मौके पर उपाध्यक्ष सदन कुमार ठाकुर, सुनील कुमार मुर्मू, सुनील प्रसाद, ऋषुनदू केसरी, रंजीत सिंह, दिनेश कुमार शर्मा, बवीता कुमारी, सुलोचना देवी, राजू बेसरा, लक्ष्मण किस्कू, कांग्रेस महतो, सुशेन गोप, चंद्रशेखर रजक, अनंत कुमार महतो, घासी राम हांसदा, रेणू देवी, मोमीता मुखी सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।

