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Wed. Mar 25th, 2026

*सैरात बाजार में भाड़ा निर्धारण के लिए पारदर्शी नीति जरूरी: चैंबर

जमशेदपुर। सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के तत्वावधान में सैरात बाजार के दुकानदारों की एक आपात बैठक चैंबर सभागार में आयोजित की गई, जिसमें जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (JNAC) द्वारा सैरात बाजार की दुकानों के भाड़े में की गई वृद्धि पर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक में उपस्थित सभी दुकानदारों ने एक स्वर में जेएनएसी द्वारा लिए गए इस एकतरफा निर्णय की कड़ी निंदा की। व्यापारियों का कहना था कि भाड़ा वृद्धि जैसे महत्वपूर्ण निर्णय से पूर्व दुकानदारों को विश्वास में लिया जाना चाहिए था। बैठक में यह भी तय किया गया कि इस विषय पर चैंबर का एक प्रतिनिधिमंडल जिला प्रशासन से मिलकर व्यापारियों की समस्याओं एवं भावनाओं से अवगत कराएगा तथा एक व्यवहारिक एवं अनुकूल समाधान का मार्ग प्रशस्त करेगा।

बैठक में सर्वसम्मति से निम्नलिखित प्रमुख बिंदु सामने आए:

1. भाड़ा निर्धारण (Rent Structure):

• भाड़ा स्क्वायर फीट के आधार पर निर्धारित न किया जाए।

• भाड़ा वृद्धि प्रतिशत के आधार पर तय की जाए।

• वर्ष 2022 के बाद भाड़े में वृद्धि निर्धारित प्रतिशत के अनुसार ही की जाए।

• नियमों के अनुसार 15% की वृद्धि प्रत्येक तीन वर्ष में लागू की जाए।

2. लीजधारक का दर्जा (Lease Holder Status):

• दुकानदारों को साधारण किरायेदार न मानकर लीजधारक के रूप में मान्यता दी जाए।

• भुगतान को किराया न मानकर लीज रेंट के रूप में लिया जाए।

• लीज की अवधि न्यूनतम 25 वर्ष निर्धारित की जाए।

• लीज रेंट में वृद्धि प्रत्येक तीन वर्ष के अंतराल पर ही की जाए।

3. मरम्मत एवं संशोधन की अनुमति (Repair & Modification):

• दुकानों की विभिन्न श्रेणियों के कारण मरम्मत एवं संशोधन में अनावश्यक बाधाएं आती हैं।

• आवश्यक मरम्मत एवं संशोधन की अनुमति सरल एवं शीघ्र प्रदान की जाए।

• टीन शेड दुकानों को पक्का निर्माण करने की स्वतः अनुमति दी जाए।

• इसके लिए केवल एक आवेदन संबंधित विभाग/जेएनएसी को देना पर्याप्त हो।

4. नामांतरण (Name Transfer) की सुविधा:

• कई दुकानों में वर्षों से नामांतरण लंबित है।

• वर्तमान में जिन व्यक्तियों से भाड़ा/लीज रेंट लिया जा रहा है, उनके नाम से दुकानों का शीघ्र नामांतरण किया जाए।

• प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाया जाए।

5. स्पष्ट लिखित नियमावली (Written Policy before Rent Hike):

• भाड़ा बढ़ाने से पूर्व एक स्पष्ट एवं विस्तृत लिखित नियमावली (Rule Book) तैयार की जाए।

• इसमें यह निर्धारित हो कि किन शर्तों के तहत भाड़ा बढ़ेगा और भविष्य में वृद्धि का आधार क्या होगा।

• दुकानों में संशोधन एवं मरम्मत के नियम भी स्पष्ट रूप से लिखित रूप में तय किए जाएं।

• सभी हितधारकों के साथ बैठक कर सहमति से यह नियमावली बनाई जाए।

• लिखित नियम निर्धारण के बाद ही किसी भी प्रकार की भाड़ा वृद्धि लागू की जाए।

6. अंतरिम व्यवस्था (Interim Arrangement):

• जब तक नए भाड़ा दर का अंतिम निर्धारण नहीं हो जाता, तब तक जेएनएसी द्वारा पुराने दर से ही भाड़ा लिया जाए।

• दुकानदारों/शॉप ओनर्स को पुराने दर पर ही भाड़ा जमा करने की अनुमति दी जाए, ताकि अनावश्यक विवाद एवं असमंजस की स्थिति उत्पन्न न हो।

इसके अतिरिक्त व्यापारियों ने सैरात बाजार के समुचित विकास हेतु बुनियादी सुविधाओं, मरम्मत एवं आधुनिकीकरण पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

चैंबर अध्यक्ष श्री मानव केडिया ने कहा कि, “सैरात बाजार के व्यापारियों के साथ हुए विचार-विमर्श के बाद यह स्पष्ट है कि भाड़ा वृद्धि का वर्तमान निर्णय न केवल असंगत है, बल्कि व्यापारियों की भावनाओं के विपरीत भी है। चैंबर का स्पष्ट मत है कि किसी भी प्रकार का निर्णय सभी हितधारकों को विश्वास में लेकर ही किया जाना चाहिए। हम यह भी मानते हैं कि एक पारदर्शी, लिखित एवं दीर्घकालिक नीति बनाकर ही भाड़ा निर्धारण किया जाना चाहिए। जब तक नई व्यवस्था तय नहीं होती, पुराने दर से ही भाड़ा लिया जाना उचित होगा। चैंबर व्यापारियों के हितों की रक्षा हेतु पूरी मजबूती से उनके साथ खड़ा है।”

उपाध्यक्ष (ट्रेड एंड कॉमर्स) श्री अनिल मोदी ने कहा कि, “सैरात बाजार के दुकानदार वर्षों से यहां व्यवसाय कर रहे हैं और वे लीजधारक हैं, न कि साधारण किरायेदार। भाड़ा निर्धारण की प्रक्रिया पारदर्शी और दीर्घकालिक होनी चाहिए, जिससे व्यापारियों को स्थायित्व मिल सके।”

महासचिव श्री पुनीत कांवटिया ने कहा कि, “बार-बार भाड़ा वृद्धि से व्यापारियों में असमंजस और असुरक्षा की भावना उत्पन्न होती है। प्रशासन को स्पष्ट नीति बनाकर दीर्घकालिक समाधान प्रस्तुत करना चाहिए।”

बैठक में अन्य पदाधिकारियों एवं बड़ी संख्या में व्यापारी उपस्थित रहे।

अंत में चैंबर ने आशा व्यक्त की कि जिला प्रशासन व्यापारियों की मांगों पर सकारात्मक पहल करेगा और शीघ्र ही इस समस्या का न्यायसंगत समाधान निकाला जाएगा।

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