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Wed. Jun 10th, 2026

जमशेदपुर में टेम्पो परमिट की होगी सख्त जांच, बिना वैध अनुमति चलने वाले वाहनों पर कसेगा शिकंजा

जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम जिले में बढ़ती यातायात समस्याओं और शहर में लगातार बढ़ रही टेम्पो वाहनों की संख्या को देखते हुए जिला परिवहन विभाग जल्द ही विशेष जांच अभियान चलाने की तैयारी में है। जिला परिवहन पदाधिकारी (डीटीओ) दिलीप कुमार ने बुधवार को कहा कि शहर में संचालित टेम्पो वाहनों के परमिट, दस्तावेज और परिचालन क्षेत्र की व्यापक जांच की जाएगी। इस अभियान का उद्देश्य यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाना, सड़क सुरक्षा को मजबूत करना तथा सरकार के राजस्व की हानि को रोकना है।

डीटीओ ने बताया कि विभाग के संज्ञान में यह बात आई है कि बड़ी संख्या में टेम्पो चालक दूसरे क्षेत्रों अथवा अन्य जिलों के लिए जारी परमिट के आधार पर जमशेदपुर शहर में व्यावसायिक रूप से वाहन संचालित कर रहे हैं। इससे न केवल यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ रही है। इसके अलावा संबंधित क्षेत्र में परमिट शुल्क और अन्य करों के रूप में मिलने वाला राजस्व भी सरकार को प्राप्त नहीं हो पा रहा है।

उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग को इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट और प्रस्ताव भेजा गया है। विभागीय स्तर से आवश्यक निर्देश प्राप्त होते ही बड़े पैमाने पर जांच अभियान शुरू किया जाएगा। अभियान के दौरान टेम्पो के परमिट, फिटनेस प्रमाणपत्र, बीमा, प्रदूषण प्रमाणपत्र, ड्राइविंग लाइसेंस तथा अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जांच की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई भी की जाएगी।

डीटीओ दिलीप कुमार ने कहा कि जिला परिवहन विभाग का प्रयास केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित और सुरक्षित बनाना है। शहर में बढ़ते वाहनों के दबाव को देखते हुए सार्वजनिक परिवहन प्रणाली को नियमों के अनुरूप संचालित करना आवश्यक हो गया है। उन्होंने कहा कि वैध परमिट के साथ चलने वाले वाहनों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी, लेकिन नियमों की अनदेखी करने वालों पर सख्ती बरती जाएगी।

उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार द्वारा निर्धारित करों और शुल्कों की शत-प्रतिशत वसूली सुनिश्चित करना विभाग की जिम्मेदारी है। यदि सभी व्यावसायिक वाहन नियमानुसार पंजीकृत और परमिटधारी होंगे तो सरकार को राजस्व की बेहतर प्राप्ति होगी, जिसका उपयोग सड़क और परिवहन सुविधाओं के विकास में किया जा सकेगा।

डीटीओ ने कहा कि विभाग आम लोगों और परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए लगातार प्रयासरत है। उनकी प्राथमिकता शहर के साथ-साथ पूरे जिले में सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराना है। साथ ही परिवहन विभाग से जुड़े कार्यों को सरल और पारदर्शी बनाकर लोगों को समय पर बेहतर सेवाएं प्रदान करना भी विभाग के प्रमुख लक्ष्यों में शामिल है।

परिवहन विभाग की इस प्रस्तावित कार्रवाई को लेकर शहर में टेम्पो संचालकों के बीच भी चर्चा तेज हो गई है। माना जा रहा है कि जांच अभियान शुरू होने के बाद अवैध रूप से संचालित वाहनों की पहचान होगी और यातायात व्यवस्था को नियंत्रित करने में प्रशासन को मदद मिलेगी। इससे सड़क सुरक्षा को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ शहर में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था भी अधिक व्यवस्थित हो सकेगी।

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