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अंधविश्वास छोड़ वैज्ञानिक सोच और आध्यात्मिक जागरूकता अपनाने की अपील

जमशेदपुर। शुक्रवार को आनंद मार्ग प्रचारक संघ की ओर से गदरा क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम में सुनील आनंद ने लोगों को अंधविश्वास से दूर रहने और आध्यात्मिक जागरूकता अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति दूसरों का बुरा सोचता है, वह स्वयं भी कभी सुखी नहीं रह सकता, क्योंकि नकारात्मक सोच अंततः व्यक्ति को ही नुकसान पहुंचाती है। उनके अनुसार तमोगुण से प्रभावित मनुष्य समाज के लिए हानिकारक प्रवृत्तियों को बढ़ावा देता है।

उन्होंने बलि प्रथा, डायन कुप्रथा और ओझा-गुनी जैसी मान्यताओं को समाज के लिए घातक बताते हुए कहा कि ये अज्ञानता और भय पर आधारित हैं। तंत्र-मंत्र से किसी को हानि पहुंचाने की बात को उन्होंने पूरी तरह निराधार बताया और कहा कि यह केवल मानसिक भ्रम है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि किसी भी बीमारी या संकट में झाड़-फूंक के बजाय अस्पताल में इलाज कराएं।

सुनील आनंद ने कहा कि आध्यात्मिक साधना, योग, भजन और कीर्तन से मनुष्य की मानसिक शक्ति बढ़ती है और वह सही-गलत का निर्णय बेहतर ढंग से कर पाता है। उन्होंने समाज में वैज्ञानिक, व्यावहारिक और आध्यात्मिक शिक्षा के प्रसार पर जोर देते हुए कहा कि जागरूकता से ही अंधविश्वास जैसी कुप्रथाओं का अंत संभव है।

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