जमशेदपुर। शहर में तेज आवाज करने वाले मॉडिफाइड साइलेंसर वाली बाइकों के खिलाफ यातायात पुलिस ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। विशेष अभियान चलाते हुए पुलिस ने दो दिनों में 42 बुलेट मोटरसाइकिलों को पकड़ा और उनके चालकों से कुल 2.10 लाख रुपये का जुर्माना वसूला। यह अभियान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पीयूष पांडे और सिटी एसपी कुमार शिवाशीष के निर्देश पर चलाया गया, जिसकी कमान यातायात डीएसपी नीरज पाठक ने संभाली।
यातायात पुलिस को पिछले कुछ समय से शहर में तेज आवाज करने वाले मॉडिफाइड साइलेंसर वाली बाइकों से ध्वनि प्रदूषण की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद गुरुवार और शुक्रवार को शहर के विभिन्न चौक-चौराहों और व्यस्त सड़कों पर सघन जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान उन बाइकों को विशेष रूप से रोका गया जिनमें अवैध रूप से तेज आवाज करने वाले साइलेंसर लगाए गए थे।
जांच के दौरान पुलिस ने वाहनों के दस्तावेज भी खंगाले और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर चालान काटा। कार्रवाई के दौरान पकड़ी गई सभी बुलेट मोटरसाइकिलों से मॉडिफाइड साइलेंसर मौके पर ही जब्त कर लिए गए। पुलिस ने स्पष्ट किया कि ऐसे साइलेंसर न केवल ध्वनि प्रदूषण बढ़ाते हैं, बल्कि सड़क पर चलने वाले लोगों, खासकर बुजुर्गों और मरीजों के लिए भी परेशानी का कारण बनते हैं।
यातायात डीएसपी नीरज पाठक ने बताया कि अचानक तेज आवाज से सड़क पर दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ जाती है। इसलिए इस तरह के अवैध मॉडिफिकेशन पर सख्ती से कार्रवाई की जा रही है। जब्त किए गए साइलेंसरों को नष्ट करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
यातायात पुलिस ने वाहन चालकों को चेतावनी दी है कि वे अपने वाहनों में किसी भी तरह का अवैध मॉडिफिकेशन न कराएं। पुलिस का कहना है कि शहर में ध्वनि प्रदूषण और ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन को रोकने के लिए ऐसे अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे। साथ ही लोगों से ट्रैफिक नियमों का पालन करते हुए जिम्मेदारी के साथ वाहन चलाने की अपील की गई है।

