जमशेदपुर : सुंदरनगर स्थित 106 बटालियन RAF के यूनिट अस्पताल परिसर में बुधवार को फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य जवानों और उनके परिजनों को इस गंभीर परंतु रोके जा सकने वाले रोग के प्रति जागरूक करना तथा समय पर बचाव और उपचार के लिए प्रेरित करना था।
कार्यक्रम में यूनिट के मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अश्वनी कुमार (CMO) और जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. मृत्युंजय देवरिया ने विस्तार से फाइलेरिया रोग की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि फाइलेरिया मच्छरों के माध्यम से फैलने वाला परजीवी जनित रोग है, जो लसीका तंत्र को प्रभावित करता है। समय पर उपचार नहीं होने की स्थिति में यह रोग हाथ-पांव या अन्य अंगों में असामान्य सूजन (हाथीपांव) जैसी गंभीर स्थिति उत्पन्न कर सकता है।
चिकित्सकों ने जवानों को समझाया कि इस रोग से बचाव के लिए मच्छरों से सुरक्षा अत्यंत आवश्यक है। सोते समय मच्छरदानी का उपयोग, आसपास जलजमाव नहीं होने देना, नियमित रूप से सफाई रखना और सरकार द्वारा संचालित सामूहिक दवा सेवन (MDA) कार्यक्रम में भाग लेना बेहद जरूरी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि निर्धारित दवाओं का सेवन सुरक्षित है और इससे शरीर में मौजूद सूक्ष्म परजीवियों को नष्ट करने में मदद मिलती है, जिससे रोग के प्रसार पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जवानों और उनके परिवारजनों को फाइलेरिया रोधी दवाओं का वितरण भी किया गया। चिकित्सा टीम ने दवा सेवन की सही विधि, संभावित हल्के दुष्प्रभाव और उनसे निपटने के उपायों की जानकारी दी, ताकि किसी प्रकार की भ्रांति या डर की स्थिति उत्पन्न न हो।
इस अवसर पर अधिकारियों ने कहा कि अर्धसैनिक बलों के जवान देश की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, इसलिए उनका स्वस्थ रहना अत्यंत आवश्यक है। बल के कर्मियों और उनके परिवारों के स्वास्थ्य संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम समय-समय पर आयोजित किए जाते रहेंगे।
कार्यक्रम में जवानों और उनके परिजनों ने सक्रिय सहभागिता दिखाई और स्वास्थ्य संबंधी प्रश्न पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान कराया। समापन पर सभी से अपील की गई कि वे स्वयं जागरूक रहें और दूसरों को भी फाइलेरिया उन्मूलन अभियान से जोड़कर स्वस्थ समाज के निर्माण में योगदान दें।

