जमशेदपुर। जमशेदपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत मानगो नगर निगम की कुल 3 करोड़ 62 लाख 35 हजार 250 रुपये लागत की छह विकास योजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। इसकी जानकारी विधानसभा में विधायक सरयू राय के तारांकित प्रश्न के उत्तर में दी गई। नगर विकास विभाग ने 24 फरवरी 2026 को स्वीकृत्यादेश संख्या-136 जारी कर इन योजनाओं को प्रशासनिक मंजूरी दी।
बुधवार को विधानसभा की कार्यवाही के दौरान सरयू राय ने इस मामले को उठाते हुए कहा कि ये सभी योजनाएं अप्रैल 2025 से लंबित थीं और पिछले लगभग दस महीनों से प्रशासनिक स्वीकृति की प्रतीक्षा में पड़ी थीं। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के लिए राज्य सरकार के खजाने से कोई अतिरिक्त राशि व्यय नहीं की जानी है, क्योंकि संबंधित निधि मानगो नगर निगम के पास पहले से उपलब्ध है। इसके बावजूद स्वीकृति में हो रही देरी समझ से परे है।
विधायक ने सदन को बताया कि प्रशासनिक स्वीकृति दिलाने के लिए वे अप्रैल 2025 से अब तक तीन बार विभागीय मंत्री और तीन बार विभागीय सचिव से मिल चुके हैं। उन्होंने टिप्पणी की कि नगर विकास विभाग की कार्य-संस्कृति पर सवाल खड़े होते हैं, अन्यथा तकनीकी स्वीकृति एक वर्ष पूर्व मिल जाने के बावजूद प्रशासनिक स्वीकृति में इतनी देरी क्यों हुई।
सदन में विभागीय मंत्री ने उत्तर देते हुए स्पष्ट किया कि सभी छह योजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति दे दी गई है और संबंधित आदेश 24 फरवरी 2026 को जारी कर दिया गया है।
इस पर सरयू राय ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि यह प्रश्न विधानसभा में नहीं उठाया गया होता तो संभवतः स्वीकृति में और विलंब होता। उन्होंने कहा कि जिस दिन सदन में प्रश्न आया, उसके अगले ही दिन शाम को प्रशासनिक स्वीकृति जारी कर दी गई, जिससे यह स्पष्ट होता है कि मामला अनावश्यक रूप से लंबित रखा गया था।
जिन योजनाओं को स्वीकृति मिली है, उनमें वार्ड संख्या-9 के जवाहर नगर रोड नंबर-6 कुटकुटडुंगरी से उलिडीह खनका तक आरसीसी नाली निर्माण, उलिडीह से डिमना मेन रोड तक एवं अन्य क्रॉस रोड में नाली निर्माण, सिंह जी के घर से दरभंगा डेयरी डिमना मेन रोड तक नाली निर्माण, रामकृष्ण कॉलोनी से कंचन गैस एजेंसी तक आरसीसी नाली निर्माण शामिल हैं। इसके अलावा वार्ड संख्या-10 में मून सिटी के पास वृद्ध नागरिकों के लिए शेल्टर होम निर्माण तथा मानगो नगर निगम कार्यालय भवन के समीप जी-2 भवन निर्माण की योजना को भी प्रशासनिक मंजूरी मिल गई है।
इन सभी योजनाओं की कुल प्राक्कलित राशि 3 करोड़ 62 लाख 35 हजार 250 रुपये है। प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के बाद अब इन योजनाओं के क्रियान्वयन का रास्ता साफ हो गया है।

