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Wed. Feb 25th, 2026

एयर एंबुलेंस त्रासदी: चतरा के सिमरिया जंगल में क्रैश, आरईओ के कार्यपालक अभियंता देव सहाय भगत के पुत्र पायलट सहित सात की मौत

चतरा: इंसानी जिंदगी बचाने की जद्दोजहद सोमवार को एक भीषण हादसे में तब्दील हो गई, जब गंभीर रूप से झुलसे मरीज को बेहतर इलाज के लिए दिल्ली ले जा रही एयर एंबुलेंस सिमरिया थाना क्षेत्र के केंदू कसारी स्थित करम टॉड़ के घने जंगलों में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस दर्दनाक हादसे में विमान में सवार सभी सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में एक ही परिवार के तीन सदस्य शामिल हैं, जिससे पूरे जिले में मातम पसरा हुआ है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, चंदवा सरोज नगर निवासी संतोष साहू लगभग 65 प्रतिशत तक झुलस गए थे। सोमवार को बकोरिया गांव स्थित उनकी दुकान में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई थी, जिसकी चपेट में आकर वे गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रारंभिक उपचार के बाद उन्हें रांची के देवकमल अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन हालत नाजुक होने पर चिकित्सकों ने उन्हें दिल्ली एम्स रेफर कर दिया। परिजनों ने करीब आठ लाख रुपये खर्च कर एयर एंबुलेंस की व्यवस्था की थी ताकि समय रहते उनका बेहतर इलाज हो सके।

दोपहर करीब उड़ान भरने के कुछ समय बाद मौसम अचानक खराब हो गया। तेज हवा और बादलों के बीच विमान ने संतुलन खो दिया और सिमरिया के दुर्गम जंगल क्षेत्र में जा गिरा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दुर्घटना इतनी भयावह थी कि किसी को संभलने का अवसर तक नहीं मिला। विमान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार सभी लोगों की मौके पर ही मृत्यु हो गई।

हादसे में संतोष साहू के साथ उनकी पत्नी बसंती देवी और भांजा ध्रुव भी सवार थे। चतरा सदर थाना क्षेत्र के बरैनी गांव निवासी बालों साव की बेटी की शादी संतोष साहू के परिवार में हुई थी। इस दुर्घटना में उनकी बेटी, दामाद और नाती की मौत हो जाने से गांव में कोहराम मच गया है।

एयर एंबुलेंस के पायलट स्वराज दीप सिंह बताए जा रहे हैं, जो चतरा आरईओ के कार्यपालक अभियंता देव सहाय भगत के पुत्र थे। सह-पायलट विवेक, मेडिकल टीम के डॉक्टर विकास कुमार गुप्ता, डॉ. विकास भगत तथा नर्सिंग स्टाफ सचिन कुमार मिश्रा भी विमान में सवार थे। सभी की असामयिक मौत ने प्रशासनिक और सामाजिक हलकों को झकझोर कर रख दिया है।

घटना की सूचना मिलते ही जिला पुलिस प्रशासन, स्थानीय थाना पुलिस तथा एसएसबी 35वीं बटालियन के जवान मौके पर पहुंचे। दुर्घटनास्थल सड़क मार्ग से लगभग चार किलोमीटर भीतर घने जंगल में होने के कारण राहत एवं बचाव कार्य बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। जवानों ने कड़ी मशक्कत के बाद शवों को बाहर निकाला और पैदल मार्ग से मुख्य सड़क तक लाकर एंबुलेंस के जरिए पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

जिला प्रशासन ने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं। प्रारंभिक आशंका खराब मौसम को कारण मान रही है, हालांकि तकनीकी पहलुओं की भी विस्तृत जांच की जाएगी। इस हृदयविदारक घटना से चतरा सहित आसपास के क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई है। एक ही परिवार के तीन सदस्यों की एक साथ मौत ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया है और लोग स्तब्ध हैं कि जीवन बचाने निकली उड़ान ही काल बन गई।

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