चाईबासा: आदिवासी ‘हो’ समाज के शहीदों की स्मृति में 01 और 02 जनवरी को पिकनिक नहीं मनाने की अपील को लेकर गुरुवार को मझगांव के सोनापोस पंचायत के बड़ा बेलमा मुखिया टोला में नुक्कड़ सभा का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम आदिवासी ‘हो’ समाज युवा महासभा द्वारा सामाजिक जागरूकता अभियान के तहत आयोजित किया गया।
सभा की अगुवाई महासभा के प्रदेश अध्यक्ष गोबिंद बिरूवा ने की। उन्होंने बताया कि 01 और 02 जनवरी को खरसावां, जगन्नाथपुर, सेरेंगसिया तथा ओडिशा के कलिंगानगर में बाहरी आक्रमण, ब्रिटिश हुकूमत और भूमि अधिग्रहण के खिलाफ आवाज उठाने वाले आदिवासी ‘हो’ समाज के लोगों को गोली चलाकर और फांसी देकर मारा गया था। यह दिन समाज के लिए ऐतिहासिक और बलिदान का दिन है, जिसे काला दिवस के रूप में मनाया जाना चाहिए।
वक्ताओं ने कहा कि इन दिनों बेलमा डैम क्षेत्र में पिकनिक मनाने की परंपरा शहीदों के सम्मान के खिलाफ है, जिस पर सामाजिक रूप से रोक जरूरी है। लोगों से शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए राजाबासा, जगन्नाथपुर और खरसावां जाने की अपील की गई।
इस मौके पर राष्ट्रीय अध्यक्ष इपिल सामड, महासचिव गब्बरसिंह हेम्ब्रम, जिला समिति सदस्य सिकंदर तिरिया, प्रखंड कोषाध्यक्ष अमर चातार, सदस्य रंजीत जेराई, जगराई चातार, निरंजन चातार, बिनु सिंह चातार, गोविंद चातार, जगदीश चातार, कुंती चातार, चंदु कुई, बासमति चातार, बुधराम चातार सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

