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दो स्कूलों में हिंसा की घटनाएँ, छात्र घायल – सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

जमशेदपुर। शहर के दो अलग-अलग विद्यालयों में बुधवार को हुई छात्र हिंसा की घटनाओं ने अभिभावकों और शिक्षकों के बीच गहरी चिंता पैदा कर दी है। बिष्टुपुर स्थित मोतीलाल नेहरू पब्लिक स्कूल और मानगो डिमना स्थित डिमना मध्य विद्यालय में मामूली विवाद के बाद छात्रों के बीच हुई मारपीट और चाकूबाजी ने स्कूल सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पहली घटना बिष्टुपुर थाना क्षेत्र के मोतीलाल नेहरू पब्लिक स्कूल के बाहर घटी, जहां छुट्टी के बाद छात्रों के बीच हुई हल्की टक्कर ने बड़ा रूप ले लिया। जानकारी के अनुसार, तौसीफ खान नामक छात्र की सीढ़ियों पर एक अन्य छात्र से मामूली टक्कर हो गई थी। कहासुनी के बाद आरोपी छात्र ने अपने कुछ दोस्तों को फोन कर बुला लिया। थोड़ी ही देर में आरोपी के साथी स्कूल गेट के बाहर पहुंच गए और जैसे ही तौसीफ बाहर निकला, उस पर हमला बोल दिया गया। मारपीट के दौरान एक युवक ने चाकू से तौसीफ की पीठ पर वार कर दिया, जिससे वह लहूलुहान होकर गिर पड़ा। मौके पर मौजूद छात्रों और शिक्षकों ने उसे तत्काल टाटा मुख्य अस्पताल (टीएमएच) पहुंचाया, जहां उसका इलाज जारी है। घायल तौसीफ गोलमुरी का रहने वाला बताया जा रहा है।

दूसरी घटना मानगो के डिमना मध्य विद्यालय में हुई, जहां 8वीं कक्षा के छात्र रौनक मुंडा पर उसके ही सहपाठियों राधेश्याम पात्रो, सोमनाथ मार्डी और मानिक कुमार ने बेल्ट, कड़ा और डंडे से बेरहमी से हमला कर दिया। घटना विद्यालय परिसर में हुई, जबकि प्रभारी प्राचार्या रीता देवी सहित कई शिक्षक मौके पर मौजूद थे, लेकिन किसी ने भी पुलिस या अभिभावकों को सूचना नहीं दी। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए घायल छात्र को एमजीएम अस्पताल पहुंचाया, जहां उसे ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया और बाद में सीटी स्कैन के लिए भेजा गया। छात्र की मां संगीता मुंडा ने बताया कि हमले के दौरान उसके सिर के पीछे बेल्ट की बक्कल से गहरा घाव हुआ।

घटना की जानकारी मिलने पर युवा जदयू के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य हेमंत पाठक ने विद्यालय प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि “विद्यालय परिसर में इस तरह की हिंसक घटना बेहद शर्मनाक है। शिक्षकों की नैतिकता मर चुकी है, जो छात्र की पिटाई होते देख भी मौन रहे। न पुलिस को सूचना दी और न ही अभिभावकों को।” उन्होंने घोषणा की कि युवा जदयू प्रतिनिधिमंडल गुरुवार को विद्यालय जाकर दोषी छात्रों और लापरवाह शिक्षकों पर कार्रवाई की मांग करेगा।

इन दोनों घटनाओं के बाद अभिभावकों में आक्रोश है और लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर स्कूल परिसर में सुरक्षा की निगरानी व्यवस्था इतनी लचर क्यों है कि छात्र न केवल झगड़ा बल्कि हथियार तक लेकर आ जा रहे हैं। पुलिस ने दोनों मामलों में जांच शुरू कर दी है।

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