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कूटसुरी गांव में आदिवासी भूमिज- समाज के द्वारा हास्ताक़िली उकशासन पर छेड़छाड़ को लेकर एक बैठक का आयोजन।

जमशेदपुर /पोटका

पोटका के कोवाली पंचायत अंतर्गत कूटसुरी गांव में आदिवासी भूमिज समाज के हास्ताक़िली जो भूमिज समाज का पहचान को दर्शाता है। वही रोड बनाते समय ठेकेदार के द्वारा उस उकशासन पत्थर पर छेड़छाड़ को लेकर एक सामाजिक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में काफी संख्या में आदिवासी भूमिज- समाज के लोग उपस्थित हुए थे। कूटसुरी गांव में भूमिज समाज के पहचान रूपी तीन किली के उकशासन (हाड़साली) है। जोकि हास्ताक़िली, डोड़ा किली, साड़ी किली में उकशासन अवस्थित है। बैठक में विचार विमर्श के पश्चात तय किया गया की उकशासन पत्थर को ठेकेदार के द्वारा उखाड़ा गया है जिसका सटीक जानकारी मुंशी और मेट तथा मजदूरों से कूटसुरी गांव के लोग पूछताछ करके, उसकी पहचान करेगी तथा शासन व्यवस्था को शुद्धिकरण के लिए उसकी सामग्री का सुझाव रखने का जिम्मेदारी दी जाएगी । उकशासन व्यवस्था के ऊपर हुई छेड़छाड़ को अगर नहीं स्वीकारते हैं तो अगली बैठक में समाज के किली कूपुलों के द्वारा सामूहिक शुद्धिकरण करने का निर्णय लिया जायेगा ताकि इस प्रक्रिया करते हुए भूमिज बहुल क्षेत्र में निशान पत्थर, बोंगा दीरी, शासन दीरी, मसान दिरी, पर छेड़छाड़ कभी ना और कर सके। सिद्धेश्वर सरदार ने कहा कि हमें विकास चाहिए लेकिन विकास के नाम पर अस्मिता पहचान का बिनाश हम कताही बर्दाश्त नहीं करते हैं। बैठक में मौके पर आदिवासी भूमिज समाज के सहलाकर समिति के सदस्य सिद्धेश्वर सरदार, जयपाल सिंह सरदार, मानिक सरदार, सृपति सरदार, सरदार, गणेश सरदार, देवसरी सरदार, बीरो सरदार, अंजलि सरदार, सत्यवती सरदार, बसंती सरदार, बालेश्वर सरदार, हरिपद सरदार, राजेश सरदार मानसिंह सरदार, दुबराज सरदार, आदि उपस्थित रहा।

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