पोटका के पिछली गांव में बहुभाषी साहित्य संस्कृति सम्मेलन सह सम्मान समारोह का आयोजन गाजुड़ संस्था एवं झारखंड साहित्य संस्कृति परिषद द्वारा आयोजित की गई। एलआईसी पदाधिकारी के रूप में 36 साल सेवा देने के पश्चात सेवानिवृत हुए जन्मजेय सरदार ने कहा कि इस सम्मेलन के माध्यम से लोगों में विभिन्न क्षेत्रों में सामाजिक कार्य करते हुए अपने योगदान देने वाले कवियों, ऋषियों, शिक्षकों एवं विभिन्न माध्यम से समाज को आगे बढ़ाने में सहायक रहने वाले सभी को पूर्व जिला परिषद करुणा मय मंडल, साहित्यकार सुनील कुमार दे,समाज सेवी शंकर चंद्र गोप, विकास भकत आदि की उपस्थिति में शॉल ओढ़ाकार मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। इसके पूर्व उपस्थित सभी अतिथियों द्वारा के द्वारा मां सरस्वती की फोटो पर मलार्पण करते हुए सम्मेलन का उद्घाटन किया गया। वहीं गाजूड़ संस्था के जन्मे जय सरदार ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में काफी कमियां है इसे दूर कर ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले बच्चों को आगे लाने की आवश्यकता है। ताकि शिक्षा के माध्यम में समाज को सुधारा जा सके।वही सुनील कुमार देने कहा की समाज में कवियों का बहुत बड़ा योगदान है। आज के इस भाग दौड़ की जिंदगी में कवि ही एक ऐसा माध्यम है। जो लोगों को पंक्तियों के माध्यम से आनंद पहुंचाने के साथ-साथ समाज को एक नई दिशा एवं सीख देने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि संस्था के द्वारा सभी वर्गों के लोगों को सम्मानित करना अच्छा कदम है।
वही शंकर चंद्र गोप ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में इस तरह साहित्यकारों, कवियों, लेखकों शिक्षाविदों का संगम सराहनीय है। इनके माध्यम से समाज एक उत्कृष्ट पायदान में पहुंच सकता है। हम सब समाज के सभी लोग का धर्म है कि सभी समाज सेवा की और आगे बढ़े ताकि एक शिक्षित और सुव्यवस्थित समाज की कल्पना की जा सके। सम्मेलन में कृष्ण चंद्र मंडल राजकुमार साहू, डॉ अनूप मंडल, उज्जल मंडल, आशुतोष मंडल, रंजना साहू, भवतारण मंडल, विथीका मंडल, रविकांत भगत, सुभाष सरदार ,मंगल सरदार ,जितेंद्र सरदार, चिंतामणि त्रिपाठी, आदि उपस्थित रहे।

