गुमला पुलिस को भाकपा माओवादी के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है
. पुलिस ने बिशुनपुर थाना के मुंदार गांव से भाकपा माओवादी के जोनल कमांडर डुमरी थाना के सिरसी गांव निवासी माठू लोहरा उर्फ कमलेश लोहरा उर्फ कमलेश तिर्की को गिरफ्तार किया है. उसके पास से पुलिस ने एक पिस्तौल और गोली बरामद की है. माठू जंगल से निकलकर रोड में पैदल कहीं जा रहा था. तभी पुलिस सुनसान जगह पर एक व्यक्ति को देखकर उसका पीछा किया, लेकिन माठू जंगल में घुस गया और भागने लगा. पुलिस ने उसे खदेड़कर पकड़ा.
माठू अरविंद का अंगरक्षक रह चुका है : एएसपी
गुमला के एएसपी मनीष कुमार ने बताया कि माठू लोहरा भाकपा माओवादी का बड़ा नक्सली है. भाकपा माओवादी के शीर्ष नेता अरविंद का वह अंगरक्षक रह चुका है. अरविंद के मारे जाने के बाद वह JJMP में शामिल हो गया था. पुलिस को जब गुप्त सूचना मिली कि मुंदार गांव के जंगल के समीप एक व्यक्ति घूम रहा है. तब थाना प्रभारी सदानंद सिंह, पुअनि सुरेंद्र कुमार, पुअनि अंकु कुमार और सैट 172 सशस्त्र बल के जवान पहुंचे. इसके बाद माठू लोहरा को पकड़ा गया. माठू का घर सिरसी गांव है. लेकिन, वर्तमान में वह बक्सीडीपा लोहरदगा में रहता है. एएसपी ने बताया कि माठू को कार्यक्षेत्र कुरूमगढ़ इलाके में था, लेकिन वह कुरूमगढ़ से बिशुनपुर होते हुए लोहरदगा जा रहा था. तभी वह पकड़ा गया.
2009 में माओवादी में शामिल हुआ था माठू
बिशुनपुर पुलिस ने भाकपा माओवादी के जोनल कमांडर माठू लोहरा को पकड़कर पूछताछ की. पूछताछ में माठू ने पुलिस को बताया कि वर्ष 2009 में मेरे ही गांव के एरिया कमांडर जोसेफ एक्का ने अच्छा पैसा का लालच देकर 2009 में भाकपा माओवादी संगठन में शामिल कराया. इस दौरान लेवी का पैसा ठेकेदारों से लेकर संगठन तक पहुंचाने के अलावा पार्टी के लिए जरूरी समानों को पहुंचाने का काम करने लगा. उसके बाद करीब एक वर्ष बाद भाकपा माओवादी के अरविंद जी के साथ लातेहार क्षेत्र अंतर्गत अंगरक्षक के रूप में रहने लगा.

