मृतक के परिवार पोस्टमार्टम के लिए छटपटाते रहे मगर सदर अस्पताल के कर्मचारियों के द्वारा एक नहीं सुनी गई
लातेहार संवाददाता राहुल पांडे की रिपोर्ट
12 घंटे तक पड़ा रहा सूरज कुमार शव
लातेहार, सदर अस्पताल इन दिनो लापरवाही के मामले में चर्चा में आ रहा है। कभी अल्ट्रासाउंड का मामला तो कभी पोस्टमॉर्टम का मामला एक ऐसा ही मामला लातेहार मनिका प्रखंड का है जहां पर मंगलवार की शाम तकरीबन पांच बजे मोटरसाइकिल की चपेट में आने से सेमरहाट ग्राम निवासी सूरज भुईयां पिता सधु भुइयां 28 वर्ष गंभीर रूप से घायल हो गया । घायल अवस्था में देख परिजनो के दौरा मनिका सदर अस्पताल ले जाया गया। जहा पर डॉक्टरों के द्वारा प्राथमिक उपचार कर लातेहार सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। सदर अस्पताल जाया गया। तकरीबन सात बजे सुरज कुमार लातेहार सदर अस्पताल पहुंचा तो डॉक्टरों के द्वारा देखकर मृत घोषित कर दिया गया। जिसके बाद परिजन पोस्टमार्टम के लिए छटपटाते रहे मगर स्व शाम सात बजे लेकर सुबह 11,30 बेज तक जस के तस पड़ा रहा। अस्पताल में परिजनों की एक नहीं सुनी कर्मचारी से लेकर डॉक्टर टालमटोल करते रहे। वही मृतक के बहनोई तेजमली भुइयां ने बताया कि हम लोग पोस्टमार्टम के लिए डॉक्टर से लेकर कर्मचारी तक छटपटाते रहे मगर हम लोगों की एक नहीं सुनी गई ।कभी वहां जाने को कहा गया तो कभी यहां जाने को कहा गया इस तरह हम लोगों टालमटोल कर रात बिता दिया गया जब सुबह हुई तो हम लोग फिर से डॉक्टर के पास गए । उनके द्वारा बोला जाता हैं कि आप लोग वहां जाइए जब वहां जाते है तो कर्मचारियो के द्वारा बोला गया कि हम लोगों से कुछ नहीं होगा तुम लोग वहां जाओ। आगे उन्होंने कहा कि इससे साफ जाहिर होता है कि गरीब परिवार का कोई सुनने वाला नहीं है जब हम नीचे ऊपर चढ़कर थक गए तो तकरीबन 12:00 बजे पोस्टमार्टम किया गया

