लातेहार और पलामू में अवस्थित बेतला नेशनल पार्क आने वाले पर्यटकों को अब बाघ देखने की गारंटी होगी.
बेतला बरवाडीह संवाददाता अख्तर अंसारी की रिपोर्ट
प्रबंधन द्वारा इस साल के अंत तक टाइगर सफारी की शुरुआत कर दी जाएगी. इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है. पीटीआर द्वारा इस बाबत नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी को प्रस्ताव भेजा गया है, जिसकी स्वीकृति जल्द मिलने की संभावना है. इसो लेकर पीटीआर के बेहतरी के लिए चयनित विशेषज्ञों की टीम बेतला के दौरा पर हैं.
एक बाघ और दो बाघिन को जगंल में छोड़ा जाएगा
जानकारी देते हुए पीटीआर के डिप्टी डायरेक्टर कुमार आशीष ने बताया कि टाइगर सफारी के एक बाघ और दो बाघिन को बेतला नेशनल पार्क के 50 हेक्टेयर के घेराबंद जंगल में छोड़ा जाएगा. इस घेराबंदी के अंदर उन बाघों के लिए उपयुक्त वातावरण के अन्य जंगली जीवों को बाघों के शिकार के लिए छोड़ा जाएगा. इस कारण निश्चित रूप से बाघ दिखेंगेउन्होंने कहा कि आनेवाले टूरिस्ट बाघ को देखना चाहते हैं, लेकिन पीटीआर के खुला जंगल होने के कारण ऐसा संभव नहीं हो पाता है. जिसके कारण उन्हें निराश लौटना पड़ता है. इसलिए प्रबंधन द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि पर्यटकों को निश्चित रूप से बाघ दिखे. इसके लिए कोई ऐसी व्यवस्था की जाए.
