पाकुड़। पाकुड़िया थाना क्षेत्र के महुलपहाड़ी गांव स्थित राशन दुकान में फायरिंग कर लूट का प्रयास करने के मामले का पुलिस ने पांच दिनों के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस घटना में कथित रूप से शामिल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से एक पिस्टल, दो देसी कट्टा, सात जिंदा गोलियां, तीन मोबाइल फोन और घटना में इस्तेमाल की गई अपाची मोटरसाइकिल बरामद की गई है। मामले में दो अन्य आरोपी पुलिस को चकमा देकर फरार हो गए, जिनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
पुलिस के अनुसार, दो अक्टूबर को पाकुड़िया थाना क्षेत्र के महुलपहाड़ी गांव स्थित राशन दुकान में पांच-छह अज्ञात अपराधियों ने फायरिंग करते हुए लूट की कोशिश की थी। राशन दुकान संचालक महेश प्रसाद गुप्ता के आवेदन पर पाकुड़िया थाना में कांड संख्या 69/2026 दर्ज किया गया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अनुदीप सिंह ने महेशपुर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी विजय कुमार के नेतृत्व में विशेष छापेमारी दल यानी एसआईटी का गठन किया था।
एसआईटी ने तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के साथ गुप्त सूचना के आधार पर लगातार अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की। इसी दौरान सूचना मिली कि पांच-छह अपराधी पाकुड़िया थाना क्षेत्र में पश्चिम बंगाल की सीमा से सटे आंगनगड़िया गांव के फुटबॉल मैदान में किसी डकैती की योजना बना रहे हैं। सूचना पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर कार्रवाई की। पुलिस को देखते ही दो आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले, जबकि चार को हथियारों के साथ पकड़ लिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान महेशपुर थाना क्षेत्र के कोलबाड़ी निवासी कोलेश हांसदा, डूमरघाटी निवासी हेमलाल हेम्ब्रम तथा पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के रामपुरहाट थाना क्षेत्र के नारायणपुरढ़ीप निवासी रामरंजन महतो और खुरीडांगा निवासी सियान महतो के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपियों ने महुलपहाड़ी स्थित राशन दुकान में हुई फायरिंग और लूट के प्रयास में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में कोलेश हांसदा के खिलाफ पहले से कई मामले दर्ज हैं, जबकि हेमलाल हेम्ब्रम का भी आपराधिक इतिहास रहा है।
इस संबंध में पाकुड़िया थाना में कांड संख्या 71/2026 दर्ज करते हुए बीएनएस और आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया चल रही है। वहीं फरार दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।
पुलिस अधीक्षक अनुदीप सिंह ने एसआईटी की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए छापेमारी दल में शामिल पुलिस पदाधिकारियों को दो-दो हजार रुपये और पुलिसकर्मियों को एक-एक हजार रुपये नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया। पुलिस के अनुसार समय रहते कार्रवाई किए जाने से एक बड़ी लूट या डकैती की घटना को टालने में सफलता मिली है।

