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पत्नी के इलाज के लिए मांगी थी थानेदारी से मुक्ति, एसएसपी ने किया आनंद मिश्रा को निलंबित

जमशेदपुर। सीतारामडेरा थाना प्रभारी आनंद मिश्रा के निलंबन को लेकर पुलिस महकमे में चर्चा तेज हो गई है। बताया जा रहा है कि आनंद मिश्रा ने अपनी पत्नी की बीमारी और उनके इलाज को लेकर मानसिक परेशानी का हवाला देते हुए थाना प्रभारी के पद से मुक्त किए जाने का अनुरोध करते हुए एसएसपी डॉ. एहतेशाम वकारिव को पत्र दिया था। यह आवेदन निलंबन की कार्रवाई से करीब दो दिन पहले दिया गया था। इसके बाद एसएसपी ने आनंद मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

पुलिस महकमे से जुड़े सूत्रों के अनुसार, गोलमुरी थाना क्षेत्र में हुए बहुचर्चित केनरा बैंक डकैती कांड के बाद अपराधियों की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस अधिकारियों पर लगातार दबाव है। बैंक डकैती के बाद अपराधियों की गिरफ्तारी और मामले के त्वरित खुलासे के लिए पुलिस पदाधिकारियों से लगातार कार्रवाई की अपेक्षा की जा रही है। इसी बीच आनंद मिश्रा की ओर से निजी पारिवारिक परिस्थितियों का हवाला देते हुए थाना प्रभारी की जिम्मेदारी से मुक्त करने का अनुरोध किया गया।

बताया जाता है कि पत्नी की बीमारी और इलाज को लेकर आनंद मिश्रा ने अपनी मानसिक परेशानी का भी पत्र में उल्लेख किया था। उनका कहना था कि पारिवारिक परिस्थितियों के कारण वह थाना प्रभारी की जिम्मेदारी का अपेक्षित तरीके से निर्वहन करने की स्थिति में नहीं हैं। ऐसे में उन्होंने पद से मुक्त किए जाने का अनुरोध किया था। हालांकि, इस आवेदन के बाद उन्हें निलंबित किए जाने को लेकर पुलिस महकमे में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

सूत्रों का कहना है कि सीतारामडेरा थाना प्रभारी के पद से मुक्त होने का आवेदन देने के बाद एसएसपी स्तर पर इस मामले को गंभीरता से लिया गया और अंततः निलंबन का आदेश जारी कर दिया गया। हालांकि निलंबन आदेश में कार्रवाई के आधिकारिक कारण के रूप में कर्तव्य में लापरवाही समेत विभागीय आधार बताए गए हैं। आनंद मिश्रा को निलंबन अवधि में पुलिस लाइन में योगदान देने का निर्देश दिया गया है।

इस घटनाक्रम के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि यदि थाना प्रभारी ने पारिवारिक और चिकित्सकीय कारणों से पद से मुक्त करने का अनुरोध किया था, तो उनके आवेदन पर किस स्तर पर क्या निर्णय लिया गया और उसके बाद निलंबन की कार्रवाई क्यों की गई। फिलहाल इस संबंध में पुलिस विभाग की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।

गोलमुरी केनरा बैंक डकैती के बाद जमशेदपुर पुलिस पर अपराधियों की गिरफ्तारी को लेकर दबाव बना हुआ है। बैंक के भीतर बदमाशों के काफी देर तक रहने और वारदात के बाद फरार हो जाने को लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे थे। अब सीतारामडेरा थाना प्रभारी के निलंबन के बाद पुलिस विभाग में आगे और किन अधिकारियों पर कार्रवाई होती है, इस पर भी नजर बनी हुई है।

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