चाईबासा : झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा), रांची के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पश्चिमी सिंहभूम, चाईबासा की ओर से सदर प्रखंड स्थित जिला 10+2 उच्च विद्यालय के लीगल लिटरेसी क्लब में शुक्रवार को विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष मौहम्मद शाकिर एवं सचिव रवि चौधरी के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ।
शिविर में विद्यार्थियों को भारतीय संविधान में दिए गए मौलिक अधिकारों और मौलिक कर्तव्यों की जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को बताया गया कि संविधान नागरिकों को विभिन्न अधिकार प्रदान करता है, वहीं उनके कुछ कर्तव्य भी हैं, जिनका पालन करना जरूरी है।
कार्यक्रम के दौरान बाल विवाह के दुष्परिणामों और इससे संबंधित कानून की जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को बाल विवाह से दूर रहने और अपने आसपास होने वाले ऐसे मामलों की जानकारी संबंधित अधिकारियों को देने के लिए जागरूक किया गया। साथ ही नशापान से होने वाले नुकसान की जानकारी देते हुए विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया गया।
शिविर में बाल श्रम और डायन कुप्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों पर भी चर्चा की गई। इन कुरीतियों को अंधविश्वास बताते हुए इनके खिलाफ बनाए गए कानूनी प्रावधानों की जानकारी विद्यार्थियों को दी गई। इसके अलावा सड़क सुरक्षा को लेकर भी जागरूक किया गया। विद्यार्थियों से यातायात नियमों का पालन करने, बाइक चलाते समय हेलमेट और वाहन में सीट बेल्ट का इस्तेमाल करने की अपील की गई।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों को जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से उपलब्ध कराई जाने वाली निःशुल्क विधिक सहायता के बारे में जानकारी दी गई। इसके साथ ही नालसा के टोल फ्री नंबर 15100 की जानकारी भी दी गई, ताकि जरूरत पड़ने पर लोग कानूनी सहायता प्राप्त कर सकें।
इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाध्यापिका, उप एलएडीसी सुरेन्द्र प्रसाद दास, पीएलवी असीमा चटर्जी, अलकमा रुही सहित विद्यालय के शिक्षक और छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

