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Wed. Aug 26th, 2026

कुछ राखियाँ कलाई का इंतज़ार नहीं करतीं, किसी अपने का इंतज़ार करती हैं

बुंदेलखंड: रक्षाबंधन का पर्व नजदीक आते ही घरों और बाजारों में इसकी तैयारियां शुरू हो जाती हैं। बहनें भाइयों के लिए राखियां चुनती हैं, भाई बहनों के लिए उपहार तैयार करते हैं और दूर रह रहे अपनों के घर लौटने का इंतजार होने लगता है। हालांकि, हर व्यक्ति के जीवन में भाई-बहन का रिश्ता जन्म से ही मौजूद हो, यह जरूरी नहीं है। कई लोगों के लिए रक्षाबंधन ऐसे रिश्ते की कमी का एहसास भी कराता है, जो उनके जीवन का हिस्सा कभी बन ही नहीं पाया।

इसी भावनात्मक पहलू को केंद्र में रखते हुए जाने-माने डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म बुंदेलखंड 24×7 ने रक्षाबंधन के अवसर पर एक विशेष अभियान शुरू किया है। अभियान की थीम है— “कुछ राखियाँ कलाई का इंतज़ार नहीं करतीं, किसी अपने का इंतज़ार करती हैं।”

यह अभियान रक्षाबंधन की पारंपरिक सोच से आगे बढ़ते हुए यह सवाल सामने रखता है कि क्या भाई या बहन का रिश्ता सिर्फ जन्म से ही तय होता है? अभियान का संदेश है कि रिश्ते केवल खून या परिवार के नाम से नहीं, बल्कि भरोसे, चिंता, साथ और अपनापन निभाने से भी बनते हैं।

जिंदगी में कई बार ऐसे लोग मिलते हैं, जिनसे हमारा कोई पारिवारिक रिश्ता नहीं होता, लेकिन उनका साथ किसी अपने से कम नहीं लगता। कोई दोस्त भाई जैसा बन जाता है, कोई सहकर्मी बहन की तरह साथ खड़ा रहता है और कभी-कभी कोई ऐसा व्यक्ति भी जीवन का हिस्सा बन जाता है, जिसे किसी औपचारिक रिश्ते के नाम की जरूरत नहीं होती।

बुंदेलखंड 24×7 के चैनल डायरेक्टर आसिफ पटेल ने कहा, “बुंदेलखंड की पहचान सिर्फ इसकी मिट्टी और संस्कृति से नहीं, बल्कि यहां के लोगों के अपनत्व से भी है। हमारा यह अभियान उसी भावना को सलाम करता है, जहां रिश्ते नाम से नहीं, निभाने से बड़े होते हैं।”

रक्षाबंधन के मौके पर तैयार की गई वीडियो कहानी के जरिए बुंदेलखंड 24×7 ने भाई-बहन के रिश्ते को सिर्फ जन्म से जुड़े रिश्ते तक सीमित रखने के बजाय उसके भावनात्मक पक्ष को सामने रखा है। कहानी यह संदेश देती है कि कई बार जिंदगी खुद हमारे लिए कोई ऐसा अपना चुन लेती है, जो किसी औपचारिक रिश्ते के बिना भी परिवार का हिस्सा बन जाता है।

अभियान में बुंदेलखंड की लोकपरंपरा भुजरिया को भी शामिल किया गया है। भाई-बहन के स्नेह, लोक संस्कृति और आपसी अपनत्व से जुड़े इस पर्व के माध्यम से रक्षाबंधन की भावना को क्षेत्र की स्थानीय परंपराओं और संस्कृति से जोड़ने का प्रयास किया गया है।

बुंदेलखंड 24×7 का यह अभियान इस विचार को सामने रखता है कि रिश्तों की असली खूबसूरती उनके नाम या परिभाषा में नहीं, बल्कि उस अपनत्व में होती है, जिसे दो लोग एक-दूसरे के लिए महसूस करते हैं। संदेश सीधा है—कुछ रिश्ते जन्म से मिलते हैं और कुछ रिश्ते जिंदगी चुनती है।

रक्षाबंधन और भुजरिया के अवसर पर बुंदेलखंड 24×7 की ओर से सभी को हार्दिक शुभकामनाएं।

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