चाईबासा: रक्षाबंधन पर्व को देखते हुए पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन और झारखंड राज्य आजीविका संवर्धन सोसाइटी (जेएसएलपीएस) की ओर से महिला स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की पहल की जा रही है। इसी क्रम में जिला उपायुक्त मनीष कुमार ने नोआमुंडी बाजार में जेएसएलपीएस सखी समूह की महिलाओं द्वारा लगाए गए राखी बिक्री केंद्र का उद्घाटन किया।
उपायुक्त ने बिक्री केंद्र का उद्घाटन करने के बाद वहां उपलब्ध विभिन्न प्रकार की राखियों का अवलोकन किया। उन्होंने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से राखियों के निर्माण, डिजाइन, लागत और बिक्री से जुड़ी जानकारी ली। उन्होंने महिलाओं द्वारा तैयार राखियों की सराहना करते हुए उनके हुनर और मेहनत को प्रोत्साहित किया।
इस अवसर पर मनीष कुमार ने कहा कि महिला सशक्तिकरण को आर्थिक आत्मनिर्भरता से जोड़ना जरूरी है। महिलाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के साथ उनके उत्पादों के लिए बाजार उपलब्ध कराना भी जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से विभिन्न उपयोगी उत्पाद तैयार कर रही हैं। इन उत्पादों को स्थानीय बाजार में बेहतर मंच मिलने से महिलाओं की आय बढ़ेगी और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
उन्होंने जिलेवासियों से रक्षाबंधन के अवसर पर स्थानीय और हस्तनिर्मित उत्पादों की खरीदारी को प्राथमिकता देने की अपील की। उपायुक्त ने कहा कि स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा तैयार राखियों की खरीदारी से उनके हुनर को प्रोत्साहन मिलेगा और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूती मिलेगी। स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी।
नोआमुंडी बाजार में बनाए गए राखी बिक्री केंद्र से महिलाओं को अपने उत्पादों की सीधे बिक्री का अवसर मिला है। रक्षाबंधन को ध्यान में रखते हुए सखी समूह की महिलाओं ने अलग-अलग डिजाइन और प्रकार की राखियां तैयार की हैं। बिक्री केंद्र के माध्यम से उन्हें स्थानीय स्तर पर ग्राहकों तक पहुंच बनाने का अवसर मिल रहा है। जेएसएलपीएस के सखी समूह ग्रामीण महिलाओं को सामूहिक रूप से आजीविका गतिविधियों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
बिक्री केंद्र के उद्घाटन के बाद स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने उपस्थित पदाधिकारियों को राखी बांधी। उपायुक्त ने महिलाओं के स्नेह के प्रति आभार जताते हुए उन्हें रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन प्रेम, विश्वास और आपसी सहयोग का पर्व है। महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पाद उनकी बढ़ती उद्यमशीलता और आत्मनिर्भरता का उदाहरण हैं।
इस अवसर पर जगन्नाथपुर अनुमंडल पदाधिकारी अरुण उरांव, नोआमुंडी प्रखंड विकास पदाधिकारी पप्पू रजक सहित अन्य पदाधिकारी और कर्मी उपस्थित रहे। जिला प्रशासन ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को स्थानीय बाजार उपलब्ध कराने के लिए आगे भी इस तरह की पहल जारी रखी जाएगी।

