जमशेदपुर: स्वदेशी जागरण मंच की महिला कार्यकर्ताओं की ओर से रविवार को सावन महोत्सव के अवसर पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें सावन माह के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व के साथ परिवार और समाज में महिलाओं की भूमिका पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने भारतीय परंपराओं, पारिवारिक मूल्यों और महिला सशक्तिकरण को लेकर अपने विचार रखे।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि वीमेन्स कॉलेज की प्राचार्या त्रिपुरा झा रहीं। जुगसलाई नगर परिषद की उपाध्यक्ष अर्चना दुबे और भाजपा जिला मंत्री रिंकू सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुईं। कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों ने भगवान शिव-पार्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर की।
मुख्य अतिथि त्रिपुरा झा ने कहा कि सावन आध्यात्मिक वैभव और आत्मचिंतन का महीना है। भगवान शिव का स्वरूप विपरीत परिस्थितियों में भी संतुलन, आत्मनियंत्रण और धैर्य बनाए रखने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि परिवार को सुचारु रूप से चलाने में महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। महिलाओं के त्याग, धैर्य और आत्मबल की शक्ति परिवार और समाज को कठिन परिस्थितियों से उबरने में मदद करती है।
उन्होंने माता सीता के जीवन का उदाहरण देते हुए कहा कि सावन का संदेश आत्मबल, संयम और पारिवारिक मूल्यों को मजबूत करने से जुड़ा है।
अर्चना दुबे ने कहा कि परिवार समाज की सबसे बड़ी ताकत है और उसे संस्कारित एवं मजबूत बनाने में महिलाओं की भूमिका अहम है। एक महिला बेटी, बहू, पत्नी और मां के रूप में अलग-अलग जिम्मेदारियों का निर्वहन करती है, जो उसके जीवन की महत्वपूर्ण विशेषता है।
रिंकू सिंह ने भी भारतीय संस्कृति, पारिवारिक मूल्यों और महिला सशक्तिकरण से जुड़े विषयों पर विचार रखे।
कार्यक्रम के अंत में स्वदेशी जागरण मंच की जिला संयोजक राजपति देवी ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
इस मौके पर खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग के पूर्व सदस्य मनोज कुमार सिंह, स्वदेशी जागरण मंच के अखिल भारतीय पर्यावरण सह-प्रमुख बंदेशंकर सिंह, मंजू ठाकुर, जिला महिला प्रमुख सरोज सिन्हा, जिला प्रचार-प्रसार प्रमुख संगीता श्रीवास्तव, जिला महिला सह-प्रमुख ममता सिंह, किरणजीत कौर, रिंकू दुबे, आशा सिंह, ममता साहू समेत बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता मौजूद रहीं।

