जमशेदपुर, 21 अगस्त 2026। भारतीय धातु संस्थान (IIM) जमशेदपुर चैप्टर की ओर से स्कूली विद्यार्थियों के लिए 14वीं वार्षिक धातुकर्म एवं पदार्थ विज्ञान क्विज IIM Jsr AM2Q-2026 का आयोजन 25 अगस्त को किया जाएगा। प्रतियोगिता दोपहर 2 बजे से बर्मामाइंस स्थित CSIR-राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला (CSIR-NML) के सभागार में आयोजित होगी। इसमें कक्षा 11वीं और 12वीं के विद्यार्थी भाग ले सकेंगे।
क्विज का उद्देश्य विद्यार्थियों के बीच धातुकर्म एवं पदार्थ विज्ञान के प्रति रुचि और जागरूकता बढ़ाना है। इसके माध्यम से स्कूली छात्रों को यह समझने का अवसर मिलेगा कि धातु, मिश्रधातु और आधुनिक पदार्थ वर्तमान तकनीकी एवं औद्योगिक विकास में किस तरह महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम का समन्वयन CSIR-NML के वैज्ञानिक-डी डॉ. मुदिला धनुंजय राव और वैज्ञानिक-ई डॉ. ललित कुमार मीना कर रहे हैं। वहीं आयोजन IIM जमशेदपुर चैप्टर के चेयरपर्सन डॉ. अतनु रंजन पाल, जो टाटा स्टील में चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर, प्रोसेस हैं, तथा चैप्टर के सचिव एवं CSIR-NML के वैज्ञानिक-जी डॉ. गोपी किशोर मंडल के मार्गदर्शन में किया जा रहा है।
आयोजकों ने जमशेदपुर और आसपास के विद्यालयों के विद्यार्थियों से बड़ी संख्या में प्रतियोगिता में शामिल होने की अपील की है। उनका कहना है कि क्विज विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक होने के साथ-साथ विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में उनकी रुचि को बढ़ाने का माध्यम भी बनेगा।
प्रतियोगिता में धातुकर्म, पदार्थ विज्ञान, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से जुड़े विषयों के अलावा सामान्य ज्ञान और विद्यार्थियों की वैचारिक समझ पर आधारित प्रश्न पूछे जाएंगे। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक जिज्ञासा, तार्किक क्षमता और विश्लेषणात्मक सोच को विकसित करना है।
आयोजकों के अनुसार धातुकर्म और पदार्थ विज्ञान का महत्व केवल इस्पात एवं विनिर्माण क्षेत्र तक सीमित नहीं है। परिवहन, ऊर्जा, एयरोस्पेस, रक्षा, परमाणु तकनीक, बुनियादी ढांचा, इलेक्ट्रॉनिक्स और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में भी उन्नत पदार्थों की महत्वपूर्ण भूमिका है। आधुनिक तकनीकों के विकास और औद्योगिक प्रगति के लिए इन विषयों की समझ आवश्यक है।
IIM जमशेदपुर चैप्टर की ओर से आयोजित यह पहल विद्यार्थियों को कक्षा की पढ़ाई से आगे बढ़कर विज्ञान के व्यावहारिक पहलुओं को समझने का अवसर प्रदान करेगी। आयोजकों को उम्मीद है कि प्रतियोगिता के माध्यम से युवा विद्यार्थियों में धातुकर्म एवं पदार्थ विज्ञान को उच्च शिक्षा और करियर के एक महत्वपूर्ण एवं संभावनाशील क्षेत्र के रूप में अपनाने की रुचि विकसित होगी।

