कोडरमा सतगावां। । सतगावां प्रखंड स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय पोखरडीहा की छात्राओं ने बदहाल व्यवस्था, घटिया खान-पान और वार्डन के दुर्व्यवहार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार को आक्रोशित छात्राओं ने विद्यालय परिसर से प्रखंड मुख्यालय तक 7 किलोमीटर लंबा पैदल सड़क मार्च निकाला। इस दौरान चिलचिलाती धूप और थकान के कारण कई छात्राएं सड़क पर ही बेहोश होकर गिर पड़ीं, जिन्हें इलाज के लिए तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।छात्राओं ने वार्डन प्रतीक्षा कुमारी मिंज को हटाने की मांग को लेकर हाथों में तख्तियां थाम रखी थीं। छात्राओं के मुख्य आरोप इस प्रकार हैं। लंबे समय से भोजन की गुणवत्ता खराब है।बच्चियों को शोषण बच्चियों से खुद खाना बनवाना सभी से बर्तन धुलवाए जाते हैं वहां तक बच्ची से शौचालय भी साफ कराने का मामला शामिल हैं । शिक्षिकाओं द्वारा छात्राओं को जंगली कहकर संबोधित किया जाता है। विरोध करने पर ज्यादा पढ़कर इंजीनियर बनोगी क्या, प्राइवेट स्कूल में जाकर पढ़ो जैसे ताने दिए जाते हैं और नाम काटने की धमकी दी जाती है। छात्राओं ने 15 अगस्त के दौरान सरकारी अधिकारियों की मौजूदगी में भरी सभा में यह मुद्दा उठाया था। उस समय प्रखंड विकास पदाधिकारी ने 2 दिन के भीतर सुधार का आश्वासन दिया था। हालांकि 6 दिन बीत जाने के बाद भी स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ जिसके बाद छात्राओं को यह कठोर कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ा।प्रखंड मुख्यालय पहुंचकर छात्राओं ने जिला शिक्षा अधिकारी के समक्ष अपनी आपबीती सुनाई और एक लिखित आवेदन सौंपा। छात्राओं की मुख्य मांगें हैं वार्डन प्रतीक्षा कुमारी मिंज का तत्काल तबादला,विद्यालय की निष्पक्ष जांच,भोजन की गुणवत्ता और पठन-पाठन की व्यवस्था में तत्काल सुधार,फिलहाल अस्पताल में भर्ती छात्राओं का इलाज जारी है। अब देखना यह होगा कि जिला व प्रखंड प्रशासन इस गंभीर मामले में दोषियों पर क्या कार्रवाई करता है!
सतगावां के कस्तूरबा गांधी अवासीय बालिका विद्यालय की छात्राओं का फूटा गुस्सा, वार्डन पर प्रताड़ना का आरोप, 7 किमी पैदल मार्च के दौरान कई बच्चियां बेहोश स्थिति गंभीर

