जमशेदपुर। टाटा स्टील के भूमि विभाग ने बुधवार को जिला प्रशासन और पुलिस के सहयोग से सिदगोड़ा पेट्रोल पंप के पास कंपनी की जमीन पर किए गए कथित अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया। करीब 17 हजार वर्गफीट क्षेत्रफल वाली उक्त जमीन को लेकर मामला सक्षम न्यायालय में विचाराधीन है और फिलहाल न्यायिक प्रक्रिया के तहत लंबित है।
टाटा स्टील के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से उक्त स्थल पर अनधिकृत रूप से अतिक्रमण किए जाने की गतिविधियों की सूचना मिल रही थी। आरोप है कि कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा कंपनी की जमीन पर कब्जा करने के प्रयास के साथ-साथ बिना अनुमति निर्माण कार्य भी कराया जा रहा था। इसी क्रम में जमीन के एक हिस्से में अनधिकृत रूप से चारदीवारी खड़ी करने की भी बात सामने आई थी।
स्थिति को देखते हुए टाटा स्टील के भूमि विभाग ने अतिक्रमण हटाने और कंपनी की जमीन को सुरक्षित करने के लिए जिला प्रशासन से सहयोग मांगा। इसके बाद धालभूम के अनुमंडल पदाधिकारी ने 12 अगस्त को अतिक्रमित जमीन से अनधिकृत निर्माण हटाने का आदेश जारी किया। अभियान के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दंडाधिकारी के साथ पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई।
जिला प्रशासन के निर्देश और लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई करते हुए अनधिकृत चारदीवारी समेत अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया पूरी की गई। टाटा स्टील ने कहा कि कंपनी न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करती है और जमीन से संबंधित सभी मामलों का निपटारा कानून के अनुरूप ही किया जाएगा।
कंपनी ने स्पष्ट किया कि वह अपनी संपत्ति की सुरक्षा और भविष्य में अतिक्रमण रोकने के लिए जिला प्रशासन तथा कानून-व्यवस्था से जुड़ी एजेंसियों को आवश्यक सहयोग देती रहेगी। टाटा स्टील ने यह भी दोहराया कि जमीन से संबंधित किसी भी विवाद में कंपनी कानून के दायरे में रहकर ही आगे की कार्रवाई करेगी।

