जमशेदपुर। भारतीय सशस्त्र सेनाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और छात्राओं को सेना में अधिकारी के रूप में करियर बनाने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से बुधवार को जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय में ऑफिसर कैरियर अवेयरनेस सेमिनार का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. इला कुमार के मार्गदर्शन में विश्वविद्यालय की एनसीसी इकाई और 37 झारखंड बटालियन एनसीसी, जमशेदपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में करीब 100 छात्राओं और एनसीसी कैडेट्स ने हिस्सा लिया।
सेमिनार के मुख्य वक्ता कैप्टन निखिल ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय सेना में अधिकारी बनना केवल एक नौकरी हासिल करना नहीं, बल्कि देश की सेवा और बड़ी जिम्मेदारी निभाने का अवसर है। उन्होंने कहा कि रक्षा सेवाओं में चयन की तैयारी कर रही छात्राओं को शुरुआत से ही लक्ष्य निर्धारित कर उसके अनुरूप लगातार मेहनत करनी चाहिए। लिखित परीक्षा की तैयारी के साथ शारीरिक रूप से मजबूत रहना, आत्मविश्वास विकसित करना और अपनी बात प्रभावी तरीके से रखने की क्षमता बढ़ाना जरूरी है।
कैप्टन निखिल ने विशेष रूप से एसएसबी साक्षात्कार की तैयारी पर जोर देते हुए कहा कि चयन प्रक्रिया में उम्मीदवार के ज्ञान के साथ उसकी सोच, व्यवहार, निर्णय लेने की क्षमता, नेतृत्व गुण और टीम के साथ काम करने की क्षमता को भी परखा जाता है। उन्होंने छात्राओं को नियमित रूप से समाचार-पत्र पढ़ने और देश-दुनिया में हो रही महत्वपूर्ण घटनाओं की जानकारी रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि अनुशासन को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाकर और निरंतर अभ्यास के माध्यम से छात्राएं रक्षा सेवाओं में अपने लिए बेहतर अवसर तैयार कर सकती हैं।
कार्यक्रम में भारतीय सेना की आर्टिलरी रेजिमेंट में कमीशन प्राप्त करने वाली चुनिंदा महिला अधिकारियों में शामिल कैप्टन अदिति यादव ने भी छात्राओं से संवाद किया। उन्होंने अपने सैन्य जीवन के अनुभव और संघर्ष साझा करते हुए छात्राओं का उत्साह बढ़ाया। उन्होंने एनसीसी, संयुक्त रक्षा सेवा परीक्षा और अन्य रक्षा सेवा प्रवेश प्रक्रियाओं से जुड़े सवालों के जवाब दिए। उनके अनुभवों ने छात्राओं में सेना में करियर बनाने को लेकर आत्मविश्वास पैदा किया।
मैडम मोनिका ने भी छात्राओं से संवाद कर रक्षा सेवाओं से संबंधित उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया। कार्यक्रम का संचालन मुख्य प्रशिक्षण अधिकारी डॉ. रूपाली पात्रा ने किया। आयोजन की व्यवस्था में पूर्व मुख्य प्रशिक्षण अधिकारी साजिद और सुश्री प्रीति का योगदान रहा। एनसीसी कैडेट्स तान्या, पायल, पलक, शिप्रा, रितु दास, मल्लिका और रंजीता ने आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने सेना में अधिकारी बनकर देशसेवा करने की इच्छा जताई।

