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Fri. Aug 7th, 2026

*लिखित आश्वासन और 50 हजार रुपये की सहायता के बाद समाप्त हुआ धरना, बिजली मिस्त्री रवि चाम्पिया की मौत पर मुआवजा व नौकरी की मांग*

चाईबासा: नोवामुंडी प्रखंड के बेतेकेया गांव में बिजली लाइन की मरम्मत के दौरान बिजली मिस्त्री रवि चाम्पिया की करंट लगने से हुई मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने जिला मुख्यालय में मुआवजे एवं अन्य सरकारी लाभ की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। आदिवासी किसान मजदूर पार्टी के जिला अध्यक्ष एवं जिला परिषद सदस्य मानसिंह तिरिया के नेतृत्व में मृतक के परिजन और ग्रामीण डी वी सी चाईबासा तथा कार्यपालक अभियंता कार्यालय पहुंचे और धरना दिया।

बताया गया कि रवि चाम्पिया पिछले 10 वर्षों से अधिक समय से बिजली विभाग में बिजली मिस्त्री के रूप में कार्यरत थे। 6 अगस्त को जगन्नाथपुर फीडर के अंतर्गत बेतेकेया क्षेत्र में 11 हजार वोल्ट लाइन की खराबी ठीक करने के दौरान करंट लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

धरना के दौरान प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि घटना के बाद बिजली विभाग के अधिकारी मृतक के परिवार से मिलने नहीं पहुंचे और न ही मुआवजा एवं अन्य सरकारी सहायता को लेकर कोई स्पष्ट पहल की गई। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि कार्यपालक अभियंता की ओर से सभी देय लाभों का लिखित आश्वासन दिया जाए, ताकि भविष्य में मृतक के परिवार को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।

परिजनों ने पोस्टमार्टम के बाद कार्यपालक अभियंता कार्यालय के मुख्य गेट पर करीब चार घंटे तक शव रखकर धरना दिया। बाद में कुछ ग्रामीण कार्यालय कक्ष तक पहुंच गए। इसके बाद विभाग की ओर से लिखित आश्वासन दिए जाने तथा तत्काल अंतिम संस्कार के लिए 50 हजार रुपये की सहायता उपलब्ध कराने के बाद परिजनों ने धरना समाप्त कर शव उठाया।

धरना के दौरान मृतक के परिवार की ओर से 10 लाख रुपये मुआवजा, मृतक की पत्नी शीला चाम्पिया को 80 प्रतिशत पेंशन तथा परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग रखी गई। विभाग ने आश्वासन दिया कि नियमानुसार आगे की प्रक्रिया पूरी कर मृतक के आश्रितों को मिलने वाले लाभ उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जाएगी।

इधर नोवामुंडी के कनीय विद्युत अभियंता दिलीप प्रसाद ने बताया कि 6 अगस्त को खराब मौसम के कारण जगन्नाथपुर फीडर के बेतेकेया क्षेत्र में बिजली लाइन में खराबी आ गई थी। इसे ठीक करने के लिए रवि चाम्पिया सुबह करीब नौ बजे घर से निकले थे। उन्होंने पहले कोटगढ़ क्षेत्र में लाइन की मरम्मत कर बिजली आपूर्ति बहाल की। इसके बाद वे बेतेकेया की ओर दूसरी खराबी ठीक करने पहुंचे। लगभग 11 बजे जब वे पोल पर चढ़कर काम कर रहे थे, उसी दौरान लाइन में बिजली प्रवाहित हो गई, जिससे करंट लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। मामले में विभागीय स्तर पर आगे की कार्रवाई जारी है।

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