चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) की ओर से बालू उत्खनन पर रोक लगाए जाने के बावजूद अवैध बालू कारोबार थमता नजर नहीं आ रहा है। मनोहरपुर और गोइलकेरा क्षेत्र से बिना वैध अनुमति के बालू की ढुलाई लगातार जारी है। इसी क्रम में सोनुवा थाना पुलिस ने शुक्रवार सुबह बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से बालू ले जा रहे आठ ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को जब्त किया।
जानकारी के अनुसार, गोइलकेरा से चक्रधरपुर की ओर जा रहे ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को बारी गांव के समीप वाहन जांच अभियान के दौरान रोका गया। जांच में किसी भी वाहन चालक के पास बालू परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज या परमिट नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने सभी वाहनों को जब्त कर लिया।
सोनुवा थाना प्रभारी शशि बाला भेंगरा ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई। जब्त किए गए वाहनों को थाना लाया जा रहा था, तभी कच्ची सड़क पर एक ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर पलट गई, जिससे उसमें लदा बालू सड़क किनारे बिखर गया। सभी वाहनों को आगे की कार्रवाई के लिए जिला खनन विभाग को सौंप दिया गया है।
इधर, स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि अवैध बालू कारोबार लंबे समय से संगठित तरीके से संचालित हो रहा है। उनका कहना है कि रात के समय बड़ी संख्या में ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉलियां बिना चालान और आवश्यक अनुमति के इसी मार्ग से गुजरती हैं, जिससे सरकार को राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है। लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि जब्त वाहनों को छुड़ाने के लिए प्रभावशाली स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।
गौरतलब है कि एनजीटी ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि वैध खनन पट्टा, ट्रांजिट पास और निर्धारित मानकों के बिना बालू का खनन और परिवहन पूरी तरह प्रतिबंधित है।
स्थानीय नागरिकों ने उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक और जिला खनन पदाधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि अवैध बालू कारोबार में किसी माफिया, वाहन मालिक, चालक या संबंधित अधिकारियों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। लोगों का मानना है कि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो अवैध बालू कारोबार पर्यावरण, सड़क सुरक्षा और सरकारी राजस्व के लिए गंभीर चुनौती बन जाएगा।

