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Wed. Oct 7th, 2026

साकची गुरुद्वारा बस्ती में ड्रेनेज व्यवस्था बदहाल, गंदे पानी और जलभराव से परेशान लोग

एक माह से तीन ड्रेनेज होल जाम, दूषित पानी से बढ़ी परेशानी; लोगों ने जल्द समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी

जमशेदपुर: साकची गुरुद्वारा बस्ती के ए जोन स्थित भगत सिंह गली में पिछले करीब एक माह से ड्रेनेज व्यवस्था बदहाल है। गली में तीन ड्रेनेज होल जाम होने के कारण गंदा और दूषित पानी सड़क पर बह रहा है। जलभराव और गंदगी के बीच स्थानीय लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। लोगों का कहना है कि गंदगी और दुर्गंध के कारण यहां रहना मुश्किल हो गया है और बीमारी फैलने का खतरा लगातार बना हुआ है।

समस्या को लेकर बुधवार को भगत सिंह गली के स्थानीय निवासियों ने प्रभावित इलाके में बैठक की। लोगों ने साफ-सफाई और जलनिकासी की व्यवस्था नहीं सुधारे जाने पर नाराजगी जताई और जल्द समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।

स्थानीय निवासियों के मुताबिक, पिछले एक महीने से तीन ड्रेनेज होल जाम हैं। गंदा पानी लगातार सड़क पर बह रहा है। उनका आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। लोगों ने बताया कि इलाके में हाल के दिनों में डेंगू के मामले भी सामने आए हैं, जबकि बच्चे आए दिन बीमार पड़ रहे हैं। ऐसे में गंदे पानी और जमा कचरे के कारण लोगों में बीमारी फैलने की आशंका बनी हुई है।

जेएनएसी और जुस्को के बीच जिम्मेदारी को लेकर असमंजस

स्थानीय लोगों का कहना है कि समस्या को लेकर कई बार जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (जेएनएसी) और जुस्को के अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन दोनों विभाग एक-दूसरे का क्षेत्र बताकर जिम्मेदारी से बचते रहे।

हरविंदर सिंह और जगतार सिंह ने बताया कि जेएनएसी में शिकायत करने पर जुस्को का क्षेत्र बताया जाता है, जबकि जुस्को के अधिकारियों से संपर्क करने पर इसे जेएनएसी की जिम्मेदारी बताया जाता है। इस वजह से समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।

लोगों का कहना है कि स्वच्छता और जलनिकासी जैसी मूलभूत सुविधाओं के अभाव में बस्ती के लोगों को लंबे समय से परेशानी झेलनी पड़ रही है। गंदे पानी से निकलने वाली तेज दुर्गंध के कारण घरों में रहना भी मुश्किल हो जाता है।

बारिश में घरों तक पहुंच जाता है गंदा पानी

स्थानीय निवासियों के अनुसार, इलाके में सड़क और नाली की व्यवस्था भी ठीक नहीं है। बारिश के दौरान स्थिति और गंभीर हो जाती है। जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण सीवरेज का पानी मोहल्ले के घरों तक पहुंच जाता है।

न्यू कालीमाटी रोड पर काशीडीह मोड़ के पास होटल नील कमल के बगल का इलाका भी जलनिकासी की समस्या से प्रभावित है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, सीवरेज का गंदा पानी सड़क पर बहने के कारण पैदल चलने और वाहनों के आवागमन में भी परेशानी होती है। गंदगी और दुर्गंध से आसपास रहने वाले लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

सरबजीत सिंह टॉबी ने कहा कि स्थानीय लोग लंबे समय से संबंधित विभागों और प्रशासन से समस्या के समाधान की मांग कर रहे हैं। सड़क, नाली और जलनिकासी व्यवस्था को दुरुस्त किए बिना इस समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है।

जुस्को कार्यालय में भी रखी गई समस्या

स्थानीय निवासी सुशील बंसल ने बताया कि समस्या के समाधान को लेकर काशीडीह स्थित जुस्को कार्यालय में भी अधिकारियों से मुलाकात की गई थी। वहां भी समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं हो सका है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, इलाके में 25 से अधिक परिवार रहते हैं। सड़क पर गंदा पानी और कीचड़ जमा रहने के कारण वाहनों के आवागमन में भी परेशानी होती है। लोगों का कहना है कि लंबे समय से सड़क और नाली निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक स्थिति में सुधार नहीं हुआ है।

तत्काल स्थल निरीक्षण की मांग

बैठक में स्थानीय लोगों ने सरकार, जिला प्रशासन और नगर निकाय के संबंधित अधिकारियों से तत्काल स्थल निरीक्षण कराने और जलनिकासी, सफाई तथा सड़क की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की।

लोगों ने स्पष्ट कहा कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे अपने क्षेत्र की मूलभूत सुविधाओं और अधिकारों की मांग को लेकर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।

बैठक में जगतार सिंह, अमृतपाल सिंह, सुशील बंसल, शिवम, जसबीर सिंह, सरबजीत सिंह टॉबी, हरजीत सिंह, गुरपाल सिंह पिंटू, बनमाली, अमरीक सिंह बिट्टू, हरविंदर सिंह, हरपाल सिंह, शरणप्रीत सिंह, रेशम सिंह, रंजीत सिंह, मनप्रीत सिंह, जगप्रीत सिंह, जगजीत सिंह और विनय अरोड़ा सोनू समेत अन्य स्थानीय लोग मौजूद रहे।

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