चाईबासा: कांग्रेस जिला प्रवक्ता त्रिशानु राय ने पद्म भूषण से सम्मानित दिवंगत दिशोम गुरु शिबू सोरेन की प्रथम पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। मंगलवार को जारी बयान में उन्होंने कहा कि दिशोम गुरु का संपूर्ण जीवन संघर्ष, त्याग, जनसेवा और सामाजिक न्याय के प्रति समर्पण का प्रतीक रहा।
त्रिशानु राय ने कहा कि शिबू सोरेन ने अपना जीवन जल, जंगल, जमीन, आदिवासी-मूलवासी अस्मिता तथा झारखंड की पहचान और अधिकारों की रक्षा के लिए समर्पित किया। उन्होंने कहा कि दिशोम गुरु केवल झारखंड आंदोलन के प्रमुख नेता ही नहीं थे, बल्कि किसानों, मजदूरों, आदिवासियों, मूलवासियों और वंचित वर्ग की आवाज भी थे।
उन्होंने कहा कि झारखंड राज्य के निर्माण के आंदोलन में शिबू सोरेन का योगदान हमेशा याद किया जाएगा। उनके नेतृत्व और संघर्ष ने झारखंड आंदोलन को नई दिशा दी तथा राज्य निर्माण की जनभावना को मजबूत किया। उन्होंने ऐसे झारखंड की परिकल्पना की, जहां सामाजिक न्याय, समान अवसर और विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
त्रिशानु राय ने कहा कि शिबू सोरेन की राजनीति जनसेवा, संघर्ष और लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित थी। उनका सादगीपूर्ण जीवन और जनता से जुड़ाव आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा।
उन्होंने कहा कि प्रथम पुण्यतिथि पर सभी लोगों को दिशोम गुरु के बताए मार्ग पर चलने तथा जल, जंगल, जमीन, आदिवासी-मूलवासी अस्मिता, सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए कार्य करने का संकल्प लेना चाहिए।

