चाईबासा: आगामी दुर्गा पूजा को लेकर मंगलवार को सदर थाना परिसर में शांति समिति की बैठक अनुमंडल पदाधिकारी सदर चाईबासा संजय कुमार की अध्यक्षता में हुई। बैठक में शहर में शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में पूजा संपन्न कराने को लेकर विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई। पूजा समितियों को प्रशासन की ओर से जारी सुरक्षा और व्यवस्था संबंधी निर्देशों का पालन करने को कहा गया।
बैठक में नगर परिषद अध्यक्ष नितिन प्रकाश, उपाध्यक्ष विकास शर्मा, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर चाईबासा बहामन टूटी, चाईबासा चेंबर अध्यक्ष संजय चौबे, पश्चिम सिंहभूम चेंबर अध्यक्ष निरंजन अग्रवाल, केंद्रीय दुर्गा पूजा कमेटी के पदाधिकारी, अंजुमन इस्लामिया के सदस्य, नगर परिषद चाईबासा के विभिन्न वार्ड के वार्ड पार्षद गण, त्रिशानु राय, वकील खान, संचू तिर्की, लालू कुजूर, राजू यादव, अंबर मधुर, आजम खान, सदर थाना प्रभारी चंद्रशेखर चौधरी, मुफ्फसिल थाना प्रभारी विनोद कुमार तथा अग्निशमन विभाग से रामाय सिंह मौजूद थे। इसके अलावा विद्युत विभाग, जलापूर्ति विभाग, नगर परिषद के पदाधिकारी, शांति समिति के सदस्य और शहर की विभिन्न दुर्गा पूजा समितियों के पदाधिकारी व सदस्य शामिल हुए।
बैठक में बताया गया कि पूजा पंडाल और गेट का निर्माण बिजली तार, ट्रांसफॉर्मर, गैस गोदाम, रेलवे लाइन और अन्य संवेदनशील स्थानों से सुरक्षित दूरी पर किया जाए। पंडाल में नायलॉन और सिंथेटिक कपड़े का उपयोग नहीं करने, महिला और पुरुषों के लिए अलग प्रवेश-निकास की व्यवस्था करने तथा आपातकालीन निकास रखने का निर्देश दिया गया।
विद्युत व्यवस्था सुरक्षित रखने, अर्थिंग की व्यवस्था करने और संबंधित विभाग से सुरक्षा प्रमाण-पत्र लेने को कहा गया। पंडाल में अग्निशमन यंत्र, पानी, बालू और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था रखने का निर्देश दिया गया। रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर और डीजे का उपयोग नहीं करने को कहा गया।
पूजा समितियों को स्वयंसेवकों की नियुक्ति कर उन्हें परिचय पत्र देने और उनकी सूची संबंधित थाना प्रभारी को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। खाद्य सामग्री की दुकान और मेला पंडाल से पर्याप्त दूरी पर सक्षम प्राधिकार की अनुमति से ही लगाने को कहा गया।
भीड़ में छिनतई या जेब कटने की घटना होने पर संदिग्ध व्यक्ति के साथ मारपीट नहीं करने और उसे पुलिस के हवाले करने की अपील की गई। सामाजिक माध्यमों और संदेश समूहों में संवेदनशील या आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट अथवा साझा नहीं करने को कहा गया।
विसर्जन निर्धारित तिथि, समय और मार्ग से करने तथा प्रशासन द्वारा चिन्हित घाट का ही उपयोग करने का निर्देश दिया गया। बैठक में पूजा समितियों से प्रशासन और पुलिस के साथ सहयोग कर विधि-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की गई।

