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सारंडा के जंगलों का पहला अधिकार यहां के लोगों का, वन संपदा से बढ़े ग्रामीणों की आय : विधायक जगत माझी

चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले के मनोहरपुर प्रखंड के साइडिंग में सोमवार को सारंडा वन प्रमंडल की ओर से 77वां वन महोत्सव उत्साहपूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मनोहरपुर विधायक जगत माझी ने कहा कि वन महोत्सव केवल पौधारोपण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि जंगलों और उन पर निर्भर लोगों के जीवन को सुरक्षित और समृद्ध बनाने का अभियान है। उन्होंने कहा कि सारंडा जैसे समृद्ध वन क्षेत्र के प्राकृतिक संसाधनों पर सबसे पहला अधिकार यहां के स्थानीय लोगों का होना चाहिए और इन संसाधनों का उपयोग उनकी आजीविका तथा क्षेत्र के समग्र विकास के लिए किया जाना चाहिए।

विधायक जगत माझी ने अपने कर्नाटक और तमिलनाडु के दौरे का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां ग्रामीण वन संरक्षण के साथ-साथ वन उत्पादों से बेहतर आय अर्जित कर रहे हैं। उन्होंने वन विभाग से आग्रह किया कि सारंडा क्षेत्र में भी ऐसी योजनाएं लागू की जाएं, जिनसे ग्रामीणों को वन आधारित रोजगार के अवसर मिलें और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो। उन्होंने आश्वासन दिया कि क्षेत्र के विकास और लोगों की आजीविका बढ़ाने के लिए सरकार से अधिक से अधिक योजनाएं और आवश्यक फंड उपलब्ध कराने का हरसंभव प्रयास करेंगे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सारंडा वन प्रमंडल के डीएफओ अभिरुप सिन्हा ने कहा कि वन महोत्सव का उद्देश्य लोगों में वृक्षारोपण और वन संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि यदि वन संपदा का वैज्ञानिक और योजनाबद्ध तरीके से उपयोग किया जाए तो यह ग्रामीणों की आय का सशक्त माध्यम बन सकती है। उन्होंने ग्रामीणों से करंज, महुआ सहित अन्य उपयोगी पौधों का अधिक से अधिक रोपण करने की अपील की।

वन महोत्सव के दौरान सारंडा क्षेत्र के ग्रामीणों के बीच चावल रखने के ड्रम, महुआ बीनने के नेट, उन्नत चूल्हे, ग्रीन बिन समेत कई उपयोगी सामग्रियों का वितरण किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत स्कूली बच्चों द्वारा अतिथियों के पारंपरिक स्वागत से हुई। बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर समारोह को आकर्षक बना दिया। इसके बाद विधायक जगत माझी, डीएफओ अभिरुप सिन्हा और अन्य अधिकारियों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

इस अवसर पर आईएफएस अनुराधा मिश्रा, बीडीओ शक्ति कुंज, डीएसपी डेविड ए. डोडराय, रेंजर रामनंदन राम, परमानंद रजक, मुखिया अशोक बांदा, वन विभाग के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, बड़ी संख्या में ग्रामीण तथा स्कूली छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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