चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिला उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में गुरुवार को कोल्हान विश्वविद्यालय के सभागार में बहुउद्देश्यीय कार्यकर्ता (पुरुष), सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी (सीएचओ) और स्टाफ नर्सों की जिला स्तरीय उन्मुखीकरण सह समीक्षा बैठक आयोजित की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ उपायुक्त मनीष कुमार, सिविल सर्जन, प्रशिक्षु आईएएस और अन्य अधिकारियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
बैठक में सिविल सर्जन, प्रशिक्षु आईएएस, जिले के सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी, बहुउद्देश्यीय कार्यकर्ता (पुरुष), स्टाफ नर्स और अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति, स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, नियमित टीकाकरण, संचारी रोग नियंत्रण तथा जनस्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न विषयों की समीक्षा की गई। साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी और जनोन्मुखी बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
इस अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया। ई-संजीवनी सेवा, बहुउद्देश्यीय कार्यकर्ता और अन्य श्रेणियों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले कर्मियों को भी उनके उल्लेखनीय कार्यों के लिए सम्मानित किया गया।
बैठक को संबोधित करते हुए उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि जिले के अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्यकर्मी सरकार और समाज के बीच सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं तथा उनकी सक्रियता, संवेदनशीलता और समर्पण से ही जनस्वास्थ्य कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन संभव है। उन्होंने सभी स्वास्थ्यकर्मियों से टीम भावना के साथ कार्य करने, नियमित क्षेत्र भ्रमण करने, जनजागरूकता अभियान तेज करने तथा आम लोगों तक स्वास्थ्य योजनाओं का अधिकतम लाभ पहुंचाने की अपील की। उन्होंने संचारी रोगों की रोकथाम, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने और डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के व्यापक उपयोग पर भी विशेष जोर दिया।
बैठक के बाद उपायुक्त मनीष कुमार ने डेंगू और चिकनगुनिया से बचाव एवं जनजागरूकता के लिए प्रचार-प्रसार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने बरसात के मौसम में डेंगू, चिकनगुनिया, मलेरिया और जलजनित रोगों से बचाव के लिए लोगों को जागरूक करने, साफ-सफाई बनाए रखने, जलजमाव रोकने और समय पर उपचार कराने की अपील की। यह प्रचार वाहन जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर लोगों को संचारी रोगों की रोकथाम और बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करेगा।
कार्यक्रम के अंत में मलेरिया उन्मूलन एवं बचाव को लेकर सभी अधिकारियों और स्वास्थ्यकर्मियों को शपथ दिलाई गई तथा आमजन को भी मलेरिया से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया गया।

