गोइलकेरा: पश्चिमी सिंहभूम जिले के गोइलकेरा प्रखंड के बोरोई गांव निवासी 38 वर्षीय दुगा मारला उर्फ दोगे की हैरान कर देने वाली कहानी सामने आई है। रोजगार की तलाश में उत्तर प्रदेश गए दुगा को परिजनों ने पिछले छह वर्षों से लापता मान लिया था। काफी खोजबीन के बाद भी जब उसका कोई पता नहीं चला तो परिवार ने उसे मृत मानकर पारंपरिक रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार कर दिया। इस बीच उसकी पत्नी ने दूसरी शादी कर ली। अब पता चला है कि दुगा उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जेल में हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है।
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2020 में दुगा मारला सोनुआ प्रखंड के नुवागांव स्थित अपनी बहन के घर गया था। वहीं से वह अचानक लापता हो गया। उसकी पत्नी और तीन छोटे बच्चों ने लंबे समय तक उसका इंतजार किया, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिलने पर परिजनों ने उसे मृत मान लिया। इसके बाद उसका क्रियाकर्म कर दिया गया। पति के लापता होने के बाद उसकी पत्नी ने दूसरी शादी कर ली, जबकि तीनों बच्चों की जिम्मेदारी उसके भाई सेड़गा मारला ने संभाल ली। वर्तमान में उसकी मां सुरु मारला और भाई पैतृक घर में रहते हैं।
मामला उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के पिपराइच थाना क्षेत्र के उनौला दोयम का है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता राम प्रकाश सिंह के अनुसार, 15 अक्टूबर 2021 की रात करीब 10:30 बजे रेलवे स्टेशन के पास दुगा मारला ने महाजन नामक व्यक्ति के सिर पर ईंट से हमला कर दिया था। गंभीर चोट लगने से महाजन की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने जांच के बाद दुगा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
गोरखपुर के अपर सत्र न्यायाधीश नितिन कुमार ठाकुर की अदालत ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर दुगा मारला को हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने उस पर एक हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
परिजनों ने बताया कि अक्टूबर 2025 में एक अज्ञात नंबर से व्हाट्सएप पर संदेश मिला था, जिसमें दुगा के गोरखपुर जेल में बंद होने की जानकारी दी गई थी। परिवार ने उस संदेश को अफवाह या ठगी समझकर नजरअंदाज कर दिया। अब अदालत के फैसले के बाद आधिकारिक रूप से यह स्पष्ट हो गया कि जिसे परिवार मृत मान चुका था, वह जीवित है और हत्या के मामले में जेल में सजा काट रहा है।

