रांची। 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर बुधवार को भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) ने राजधानी रांची में जेपीएससी कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदेशभर से पहुंचे हजारों कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार और आयोग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए परीक्षा परिणाम रद्द करने तथा पूरे मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए जेपीएससी कार्यालय के आसपास बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई।
भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष शशांक राज ने कहा कि राज्य के युवाओं का विश्वास जेपीएससी जैसी संवैधानिक संस्था से उठता जा रहा है। उनका आरोप था कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की जगह अनियमितताओं को बढ़ावा दिया गया, जिससे लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि युवाओं ने वर्षों तक मेहनत कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की, लेकिन कथित गड़बड़ियों ने उनके सपनों को झटका दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि भर्ती प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाने के बजाय सरकार ने युवाओं को निराश करने का काम किया है।
उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद जेपीएससी अध्यक्ष का इस्तीफा इस पूरे मामले पर गंभीर सवाल खड़े करता है। यदि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी थी तो ऐसी स्थिति क्यों उत्पन्न हुई। शशांक राज ने राज्य सरकार की ओर से कराई जा रही सीआईडी जांच पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच केवल केंद्रीय एजेंसी सीबीआई से ही संभव है। उन्होंने मांग की कि 14वीं जेपीएससी परीक्षा का परिणाम तत्काल निरस्त किया जाए और पूरे प्रकरण की स्वतंत्र जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।
भाजयुमो नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि अभ्यर्थियों को सूचना के अधिकार के तहत उत्तर पुस्तिकाओं की प्रतियां उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। साथ ही आयोग द्वारा नियमित परीक्षा कैलेंडर जारी नहीं किए जाने और आयु सीमा से जुड़े मुद्दों के कारण बड़ी संख्या में अभ्यर्थी अवसर से वंचित हो रहे हैं। उनका कहना था कि सरकार युवाओं की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उनकी आवाज दबाने का प्रयास कर रही है।
प्रदेश प्रभारी विनय जायसवाल ने कहा कि राज्य के युवाओं के साथ अन्याय किया जा रहा है और रोजगार के अवसर लगातार कम होते जा रहे हैं। वहीं, रांची महानगर जिलाध्यक्ष रोमित नारायण सिंह ने कहा कि पुलिस कार्रवाई और प्रशासनिक दबाव के बावजूद भाजयुमो युवाओं के अधिकारों की लड़ाई जारी रखेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
प्रदर्शन में मनीष दुबे, विश्वजीत पाठक, संजय महतो, रणधीर दास, प्रिंस कुमार, राहुल चौबे, धीरज अग्रवाल, श्वेता सिंह, चंदन प्रजापति, विभिन्न जिलों के जिलाध्यक्ष, प्रदेश पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में युवा कार्यकर्ता शामिल हुए।

