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Wed. Jul 22nd, 2026

सोनारी में सूदखोरी, मारपीट और ठेला बंद कराने का आरोप, गोलगप्पा विक्रेता ने एसएसपी से लगाई न्याय की गुहार

जमशेदपुर। सोनारी थाना क्षेत्र के कुम्हारपाड़ा निवासी एवं “एमबीए गोलगप्पावाला” के संचालक बजरंग प्रसाद ने पूर्वी सिंहभूम के वरीय पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत सौंपकर सूदखोरी, मारपीट, धमकी और पुलिस संरक्षण में प्रताड़ित किए जाने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने तथा निर्भय होकर अपना व्यवसाय संचालित करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।

शिकायत में बजरंग प्रसाद ने कहा है कि आर्थिक तंगी के कारण उन्होंने जनवरी 2026 में कथित रूप से मनीष सिंह से तीन किस्तों में 1.70 लाख रुपये उधार लिए थे। आरोप है कि इस राशि पर 10 प्रतिशत मासिक ब्याज तय किया गया और सुरक्षा के नाम पर उनसे दो हस्ताक्षरित ब्लैंक चेक भी ले लिए गए। उनका दावा है कि अब तक वह मूल राशि से अधिक करीब दो लाख रुपये नकद और ऑनलाइन माध्यम से चुका चुके हैं, जिसके दस्तावेज उनके पास उपलब्ध हैं। इसके बावजूद उनसे लगातार अतिरिक्त रकम की मांग की जाती रही।

बजरंग प्रसाद का आरोप है कि 11 फरवरी 2026 को सोनारी थाना में उन्हें बुलाकर दबाव में एक सादे कागज पर हस्ताक्षर करवाए गए, जिसमें चार माह के भीतर दो लाख रुपये लौटाने की बात लिखवाई गई। उनका कहना है कि इसके बाद भी कथित रूप से वसूली और दबाव का सिलसिला नहीं रुका।

शिकायत के अनुसार, 21 जुलाई 2026 की शाम सोनारी सिनेमा मैदान स्थित उनके गोलगप्पा ठेले पर मनीष सिंह, प्रकाश ठाकुर और बिष्टुपुर थाना में पदस्थापित पुलिस पदाधिकारी बलराम साहू पहुंचे। आरोप है कि तीनों ने गाली-गलौज करते हुए ब्याज की राशि की मांग की और विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि उनके पिता के साथ अभद्र व्यवहार किया गया तथा ठेला बंद कर दोबारा दुकान लगाने पर गंभीर परिणाम भुगतने और जान से मरवा देने तक की धमकी दी गई।

बजरंग प्रसाद ने अपनी शिकायत में सोनारी थाना प्रभारी मधुसूदन डे और पुलिस अवर निरीक्षक धनंजय कुमार पर भी दबाव बनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने एसएसपी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर कथित सूदखोरी, धमकी और मारपीट की घटनाओं में संलिप्त सभी आरोपितों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने तथा उन्हें पूर्ववत सोनारी सिनेमा मैदान में गोलगप्पा का ठेला लगाने की सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है। फिलहाल इन आरोपों पर पुलिस या संबंधित पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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