जमशेदपुर। कोल्हान के सबसे बड़े सरकारी स्वास्थ्य संस्थान एमजीएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल को जल्द ही स्वच्छ और नियमित पेयजल आपूर्ति मिलने का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है। मानगो नगर निगम की ओर से संचालित डिमना जलापूर्ति योजना के तहत मंगलवार को शंकोसाई श्यामनगर स्थित स्वर्णरेखा नदी पर बने इंटेकवेल से अस्पताल परिसर तक पानी पहुंचाने का ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया। परीक्षण के दौरान इंटेकवेल से एमजीएम मेडिकल कॉलेज परिसर स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (डब्ल्यूटीपी) तक पानी सफलतापूर्वक पहुंच गया, जिससे योजना के अंतिम चरण में पहुंचने की पुष्टि हुई।
हालांकि ट्रायल के दौरान पाइपलाइन के चार स्थानों पर लीकेज की समस्या सामने आई। इनमें शंकोसाई नंबर-1 क्षेत्र में तीन स्थानों तथा डिमना स्थित स्मार्ट बाजार के समीप एक स्थान पर पानी का रिसाव पाया गया। ट्रायल पूरा होते ही निर्माण एजेंसी मदन लाल बजाज कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड ने सभी लीकेज वाले स्थानों पर मरम्मत कार्य शुरू कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि अगले तीन दिनों के भीतर सभी तकनीकी खामियों को दूर कर पाइपलाइन को पूरी तरह दुरुस्त कर दिया जाएगा।
बताया गया कि इस योजना का ट्रायल 15 जुलाई को प्रस्तावित था, लेकिन ट्रांसफॉर्मर उपलब्ध नहीं होने, लो वोल्टेज की समस्या तथा पाइपलाइन के ज्वाइंट और बैंड वाले हिस्सों की ढलाई पूरी तरह नहीं सूखने के कारण परीक्षण को स्थगित करना पड़ा था। बाद में निर्माण एजेंसी ने डीजल जनरेटर (डीजी) की मदद से पंपिंग सिस्टम चालू कर सफलतापूर्वक ट्रायल पूरा किया।
परियोजना से जुड़े अधिकारियों के अनुसार यदि शेष तकनीकी और औपचारिक कार्य निर्धारित समय पर पूरे हो गए तो 15 अगस्त तक इस बहुप्रतीक्षित जलापूर्ति योजना का उद्घाटन कर एमजीएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल को नियमित रूप से स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी। इसके बाद अस्पताल के वार्डों, ऑपरेशन थिएटर, प्रयोगशालाओं, छात्रावासों और अन्य विभागों में सुरक्षित एवं शुद्ध पानी उपलब्ध कराया जा सकेगा।
गौरतलब है कि एमजीएम अस्पताल लंबे समय से पेयजल संकट से जूझ रहा है। मरीजों, उनके परिजनों, चिकित्सकों और कर्मचारियों को पर्याप्त एवं स्वच्छ पानी की उपलब्धता नहीं होने से लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ता रहा है। नई जलापूर्ति योजना शुरू होने के बाद न केवल अस्पताल की पेयजल समस्या का स्थायी समाधान होगा, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार आने की उम्मीद है।
इस परियोजना को लेकर जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय लगातार सक्रिय रहे हैं। उन्होंने कई बार इस योजना में हो रही देरी का मुद्दा उठाते हुए संबंधित विभागों और अधिकारियों पर काम में तेजी लाने का दबाव बनाया था। अब सफल ट्रायल के बाद अस्पताल को जल्द स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की उम्मीद और मजबूत हो गई है।

