चतरा: प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी (टीपीसी/टीएसपीसी) के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में चतरा पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने लावालौंग थाना क्षेत्र से संगठन के हार्डकोर उग्रवादी नरेश गंझू उर्फ रविकांत को गिरफ्तार किया है। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, वह टीपीसी सुप्रीमो ब्रजेश गंझू उर्फ सरदार का करीबी सहयोगी माना जाता है और लंबे समय से संगठन की गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रहा था। गिरफ्तारी के बाद उसे कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच धमनियां पिकेट में रखकर पूछताछ की जा रही है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, नरेश गंझू संगठन के शीर्ष नेतृत्व के सीधे संपर्क में था और टीपीसी के नेटवर्क को मजबूत करने में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान संगठन के सक्रिय सदस्यों, हथियारों के ठिकानों, लेवी वसूली के नेटवर्क तथा फरार उग्रवादियों से जुड़े कई अहम सुराग मिल सकते हैं। साथ ही, टेरर फंडिंग से जुड़े मामलों में वांछित टीपीसी सुप्रीमो ब्रजेश गंझू तक पहुंचने में भी यह गिरफ्तारी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तारी के समय नरेश गंझू के पास से हथियार भी बरामद किए गए हैं। हालांकि, पुलिस की ओर से अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। माना जा रहा है कि पूछताछ पूरी होने के बाद पुलिस पूरे मामले का विस्तृत खुलासा करेगी और बरामदगी सहित अन्य तथ्यों की जानकारी साझा करेगी।
बताया जाता है कि झारखंड सरकार ने टीपीसी सुप्रीमो ब्रजेश गंझू उर्फ सरदार पर 25 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा है, जबकि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने उस पर 5 लाख रुपये का अतिरिक्त इनाम घोषित किया है। इस प्रकार उस पर कुल 30 लाख रुपये का इनाम है और वह सुरक्षा एजेंसियों की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल है।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि नरेश गंझू से पूछताछ में मिलने वाली जानकारी के आधार पर टीपीसी के अन्य सक्रिय सदस्यों के खिलाफ अभियान और तेज किया जा सकता है। वहीं, इस घटनाक्रम के बीच यह भी चर्चा है कि झारखंड की डीजीपी तदाशा मिश्रा आज चतरा पहुंच सकती हैं। उनके साथ आईजी, डीआईजी सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के भी जिले के दौरे पर आने की संभावना जताई जा रही है।

