Breaking
Tue. Jul 21st, 2026

मां के श्राद्ध में टूटा दुखों का पहाड़, वज्रपात से नौ वर्षीय बच्ची समेत दो की मौत, कई घायल

सरायकेला। सरायकेला थाना क्षेत्र के मुड़कुम पंचायत अंतर्गत नुआगुड़ा गांव में रविवार शाम एक दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया। एक महिला के श्राद्ध कर्म के दौरान अचानक हुई तेज गर्जना और वज्रपात की चपेट में आने से नौ वर्षीय बच्ची रोशनी सुरेन और 32 वर्षीय सोनू सरदार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच अन्य लोग घायल हो गए। इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसर गया और श्राद्ध का माहौल देखते ही देखते चीख-पुकार में बदल गया।

जानकारी के अनुसार गांव में रोशनी सुरेन की मां का श्राद्ध कर्म आयोजित किया गया था। अंतिम धार्मिक अनुष्ठान में शामिल होने के लिए परिजन, रिश्तेदार और बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हुए थे। कार्यक्रम शांतिपूर्वक चल रहा था कि तभी अचानक मौसम ने करवट ली। आसमान में तेज गर्जना होने लगी और देखते ही देखते वज्रपात हो गया। बिजली सीधे वहां मौजूद लोगों के बीच गिरने से कई लोग इसकी चपेट में आ गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।

इस हादसे का सबसे मार्मिक पहलू नौ वर्षीय रोशनी सुरेन की मौत रही। ग्रामीणों के अनुसार रोशनी पहले ही अपने पिता को खो चुकी थी। रविवार को उसकी मां का श्राद्ध कर्म हो रहा था और वह अपनी मां के अंतिम धार्मिक अनुष्ठान में शामिल थी। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। मां की आत्मा की शांति के लिए आयोजित कार्यक्रम के दौरान ही वज्रपात ने उसकी भी जान ले ली। पिता की पहले ही मृत्यु हो चुकी थी और अब मां के श्राद्ध वाले दिन इकलौती बेटी की मौत ने परिवार को पूरी तरह उजाड़ दिया। इस दर्दनाक घटना से गांव का हर व्यक्ति भावुक हो उठा।

हादसे में सोनू सरदार की भी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वहीं मालती सुरेन, बेबी सुरेन सहित अन्य घायल लोगों को गंभीर अवस्था में तत्काल सरायकेला सदर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार चल रहा है। कुछ अन्य लोगों को भी मामूली चोटें आई हैं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया।

घटना की सूचना मिलते ही सरायकेला थाना प्रभारी विनय कुमार पुलिस बल और एंबुलेंस के साथ मौके पर पहुंचे। स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया तथा पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।

प्रशासनिक अधिकारियों ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। अधिकारियों ने घायलों के समुचित इलाज का भरोसा दिलाते हुए कहा कि प्राकृतिक आपदा से संबंधित प्रावधानों के तहत पीड़ित परिवारों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

रविवार की यह त्रासदी नुआगुड़ा गांव के लोगों के लिए कभी न भूलने वाली घटना बन गई। जिस घर में श्राद्ध के बाद दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना होनी थी, वहीं कुछ ही क्षणों में दो लोगों की मौत और कई लोगों के घायल होने से मातम छा गया। पूरे गांव में शोक का माहौल है और ग्रामीण इस हादसे को क्षेत्र की सबसे दर्दनाक घटनाओं में से एक बता रहे हैं।

Related Post