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‘गिफ्ट ऑफ लाइफ’ कार्यक्रम में 200 से अधिक बच्चों की हुई हृदय जांच, जरूरतमंदों का होगा निःशुल्क ऑपरेशन

चाईबासा: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड और पश्चिमी सिंहभूम जिला स्वास्थ्य समिति के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को सदर अस्पताल, चाईबासा में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत “गिफ्ट ऑफ लाइफ” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन उपायुक्त मनीष कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस मौके पर सिविल सर्जन डॉ. जुझार माझी, सदर अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार, अमृता हॉस्पिटल, कोच्ची के हृदय रोग विभागाध्यक्ष डॉ. कृष्ण कुमार, जिला स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारी, चिकित्सक और बड़ी संख्या में अभिभावक मौजूद थे।

कार्यक्रम के दौरान जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए 200 से अधिक बच्चों की विशेषज्ञ चिकित्सकों ने हृदय संबंधी विस्तृत जांच की। जांच में जिन बच्चों में जन्मजात या अन्य गंभीर हृदय रोग की पुष्टि अथवा आशंका मिली, उन्हें आगे की विशेषज्ञ चिकित्सा और आवश्यकता अनुसार निःशुल्क हृदय ऑपरेशन के लिए चिन्हित किया गया। यह सुविधा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम और अमृता हॉस्पिटल, कोच्ची के सहयोग से उपलब्ध कराई जाएगी।

उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि स्वस्थ बचपन ही विकसित समाज की नींव है। जिला प्रशासन का प्रयास है कि कोई भी बच्चा आर्थिक अभाव के कारण बेहतर चिकित्सा सुविधा से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के माध्यम से गंभीर बीमारियों से पीड़ित बच्चों की समय पर पहचान कर उनका गुणवत्तापूर्ण उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों में किसी भी प्रकार के हृदय रोग या अन्य गंभीर स्वास्थ्य संबंधी लक्षण दिखाई देने पर तुरंत सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों से संपर्क करने और उपलब्ध निःशुल्क सेवाओं का लाभ उठाने की अपील की।

सिविल सर्जन डॉ. जुझार माझी ने बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जन्मजात हृदय रोग सहित अन्य गंभीर बीमारियों की पहचान कर बच्चों को विशेषज्ञ संस्थानों में रेफर किया जाता है। उन्होंने कहा कि “गिफ्ट ऑफ लाइफ” पहल के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को निःशुल्क हृदय ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। जिला स्वास्थ्य समिति और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन का उद्देश्य प्रत्येक पात्र बच्चे तक समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है।

कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञ चिकित्सकों ने बच्चों की स्वास्थ्य जांच के साथ अभिभावकों को हृदय रोग के शुरुआती लक्षण, समय पर जांच और उपचार के महत्व की भी जानकारी दी। जिला स्वास्थ्य समिति ने अभिभावकों से राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत उपलब्ध निःशुल्क जांच और उपचार सुविधाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की।

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