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मझगांव में आदिवासी समाज पर हमले गंभीर चिंता का विषय, दोषियों पर हो सख्त कार्रवाई: गीता कोड़ा

चाईबासा: भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व सांसद गीता कोड़ा गुरुवार को मझगांव विधानसभा क्षेत्र में आदिवासी हो महासभा द्वारा आयोजित आंदोलन में शामिल हुईं। इस दौरान पीड़ित ग्रामीणों ने हाल के दिनों में क्षेत्र में हुई घटनाओं की जानकारी उन्हें दी।

ग्रामीणों के अनुसार, 11 जुलाई की रात करीब 9:30 बजे मझगांव बाजार में कुछ आदिवासी युवक अपने वाहन में डीजल भरवा रहे थे। इसी दौरान दूसरे समुदाय के कुछ लोगों ने उनके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर युवकों के साथ मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी दी गई। आरोप है कि वहां से निकलने के बाद भी उनका पीछा कर दोबारा मारपीट की गई।

पीड़ितों ने बताया कि 13 जुलाई को फिर उन्हीं युवकों के साथ मारपीट की घटना हुई। उन्हें पकड़कर पीटा गया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज कराया गया।

ग्रामीणों के अनुसार, 14 जुलाई को एसआईआर पाठशाला के समीप 40 से 50 लोगों की भीड़ एकत्र होकर गांव पहुंची। आरोप है कि वहां महिलाओं और ग्रामीणों के साथ अभद्र व्यवहार किया गया, गाली-गलौज की गई और पूरे गांव में भय का माहौल बना दिया गया। इस घटना में कई ग्रामीणों को चोटें भी आईं।

आंदोलन के दौरान गीता कोड़ा ने कहा कि लगातार तीन दिनों तक आदिवासी समाज के लोगों के साथ इस प्रकार की घटनाएं दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय हैं। उन्होंने कहा कि किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जा सकती। झारखंड की पहचान आदिवासी संस्कृति, सामाजिक सौहार्द और भाईचारे की रही है, जिसे बिगाड़ने का प्रयास स्वीकार नहीं किया जाएगा।

उन्होंने राज्य सरकार और जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, सभी दोषियों की जल्द गिरफ्तारी, पीड़ित परिवारों को सुरक्षा उपलब्ध कराने तथा आरोपितों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।

भारतीय जनता पार्टी ने कहा कि वह पीड़ित आदिवासी परिवारों के साथ खड़ी है और उन्हें न्याय मिलने तक हरसंभव सहयोग करती रहेगी।

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