चाईबासा: कोल्हान विश्वविद्यालय छात्र संघ के पूर्व सचिव एवं छात्र नेता पिपुन बारीक ने महिला कॉलेज, चाईबासा के बी.एड. भवन की जर्जर स्थिति को लेकर पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त तथा कोल्हान विश्वविद्यालय की कुलपति को अलग-अलग ज्ञापन सौंपकर भवन के तकनीकी निरीक्षण और शीघ्र जीर्णोद्धार की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया है कि बी.एड. भवन की स्थिति काफी खराब हो चुकी है। भवन की छत से प्लास्टर और कंक्रीट के टुकड़े गिर रहे हैं, दीवारों में गहरी दरारें पड़ गई हैं, कई स्थानों पर सीलन और पानी का रिसाव हो रहा है तथा फर्श की टाइलें भी क्षतिग्रस्त हैं। भवन के बाहरी हिस्से में प्लास्टर उखड़ने, काई और फफूंदी जमने जैसी समस्याएं भी दिखाई दे रही हैं, जिससे इसकी संरचनात्मक मजबूती प्रभावित हो रही है।
पिपुन बारीक ने बताया कि बी.एड. विभाग में प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्राएं अध्ययन करती हैं और शिक्षक व कर्मचारी भी नियमित रूप से भवन का उपयोग करते हैं। ऐसे में जर्जर भवन में शैक्षणिक गतिविधियों का संचालन सुरक्षा की दृष्टि से गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने आशंका जताई कि समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई तो भविष्य में कोई अप्रिय घटना हो सकती है।
उपायुक्त को सौंपे गए ज्ञापन में उन्होंने जिला खनिज प्रतिष्ठान न्यास (डीएमएफटी) फंड से भवन का तकनीकी निरीक्षण कराने, छत एवं दीवारों का सुदृढ़ीकरण, दरारों की मरम्मत, प्लास्टर, रंग-रोगन, फर्श, जल निकासी, विद्युत व्यवस्था समेत अन्य आवश्यक निर्माण एवं मरम्मत कार्यों को शीघ्र स्वीकृति देने की मांग की है।
वहीं, कुलपति को दिए गए ज्ञापन में विश्वविद्यालय प्रशासन से भवन का विशेषज्ञ अभियंताओं से तत्काल तकनीकी निरीक्षण कराने तथा आवश्यकतानुसार प्राथमिकता के आधार पर जीर्णोद्धार कार्य शुरू कराने का आग्रह किया गया है। साथ ही भवन असुरक्षित पाए जाने की स्थिति में छात्राओं के लिए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग की गई है।
पिपुन बारीक ने कहा कि किसी भी शिक्षण संस्थान की गुणवत्ता उसकी आधारभूत संरचना पर निर्भर करती है। सुरक्षित भवन विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य की नींव होता है। उन्होंने जिला प्रशासन और विश्वविद्यालय प्रशासन से छात्रहित को प्राथमिकता देते हुए इस मामले में शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई करने की अपील की है।

