जमशेदपुर। उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित श्री राम मंदिर से जुड़े कथित करोड़ों रुपये की वित्तीय अनियमितता और चोरी के आरोपों की न्यायिक जांच की मांग को लेकर गुरुवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने जमशेदपुर में विरोध-प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने साकची से उपायुक्त कार्यालय तक रैली निकालकर पूरे मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और न्यायिक जांच कराने की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान धार्मिक प्रतीकों के माध्यम से अपनी बात लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया, जिसने राहगीरों का भी ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।
रैली की सबसे खास बात भगवान श्रीराम, माता सीता और वानर सेना की झांकी रही। कलाकार पारंपरिक वेशभूषा में रामायण के पात्रों का रूप धारण कर चल रहे थे। विशेष रूप से वानर सेना का रूप धरे कलाकार बंदरों की तरह उछल-कूद और विभिन्न भाव-भंगिमाओं का प्रदर्शन कर रहे थे, जिससे सड़क किनारे बड़ी संख्या में लोग रुककर इस प्रदर्शन को देखने लगे। पूरे मार्ग में यह झांकी आकर्षण का केंद्र बनी रही और लोगों ने अपने मोबाइल फोन से इसकी तस्वीरें और वीडियो भी रिकॉर्ड किए।
प्रदर्शन का नेतृत्व झामुमो नेता बबन राय ने किया। इस दौरान पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर नारेबाजी की तथा आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यदि किसी भी धार्मिक संस्था से जुड़े वित्तीय मामलों में भ्रष्टाचार, गड़बड़ी या धन के दुरुपयोग के आरोप सामने आते हैं तो उनकी निष्पक्ष जांच होना आवश्यक है, ताकि सच्चाई जनता के सामने आ सके और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित हो।
रैली उपायुक्त कार्यालय पहुंचने के बाद झामुमो के प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में अयोध्या के श्री राम मंदिर से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं और करोड़ों रुपये की चोरी के आरोपों की न्यायिक जांच कराने की मांग की गई। साथ ही पूरे मामले की उच्चस्तरीय, स्वतंत्र और पारदर्शी जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने का आग्रह किया गया।
झामुमो नेताओं ने कहा कि किसी भी धार्मिक संस्था की गरिमा बनाए रखने के लिए आवश्यक है कि उस पर लगे आरोपों की निष्पक्ष जांच हो। उनका कहना था कि जांच से न केवल वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी, बल्कि जनता का विश्वास भी मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि यदि आरोप निराधार हैं तो जांच से यह भी स्पष्ट हो जाएगा और यदि किसी स्तर पर अनियमितता हुई है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में झामुमो के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए उपायुक्त कार्यालय परिसर तथा आसपास के क्षेत्रों में पुलिस बल की पर्याप्त तैनाती की गई थी। हालांकि पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और कहीं से किसी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।

