Breaking
Mon. Jul 6th, 2026

हरि कीर्तन और वैदिक विधि-विधान के साथ हुआ स्व. समीर भुईयां का दशक्रम, पूर्व मंत्री दुलाल भुईयां ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

जमशेदपुर। 26 जून 2026 को दिवंगत हुए स्वर्गीय समीर भुईयां का दशक्रम रविवार को पूरे धार्मिक रीति-रिवाज, वैदिक मंत्रोच्चार और हरि कीर्तन के बीच संपन्न हुआ। इस अवसर पर गंगा स्वरूपिणी पवित्र स्वर्णरेखा नदी के गांधी घाट पर परंपरागत विधि से पूजा-अर्चना और पिंडदान के अनुष्ठान किए गए। इसके बाद हरि कीर्तन करते हुए श्रद्धालु और परिजन गांधी घाट से उनके आवास तक पहुंचे, जहां आत्मा की शांति के लिए विशेष पूजा-पाठ एवं श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।

दशक्रम कार्यक्रम में भुईयां परिवार के सदस्य, समाज के गणमान्य लोग, रिश्तेदार, शुभचिंतक और बड़ी संख्या में भुईयां समाज के लोग शामिल हुए। सभी ने स्वर्गीय समीर भुईयां के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी तथा उनकी आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। पूरे कार्यक्रम के दौरान वातावरण भक्तिमय बना रहा और हरि नाम संकीर्तन से क्षेत्र गूंजता रहा।

इस अवसर पर झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री दुलाल भुईयां ने कहा कि स्वर्गीय समीर भुईयां का असमय निधन पूरे परिवार और समाज के लिए अत्यंत पीड़ादायक क्षति है। उन्होंने कहा कि किसी अपने को खोने का दुःख शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता, लेकिन भारतीय संस्कृति में धार्मिक संस्कारों और विधि-विधान के माध्यम से दिवंगत आत्मा की शांति की कामना की जाती है। उन्होंने कहा कि आज पूरे भुईयां परिवार और समाज ने एकजुट होकर श्रद्धा, आस्था और सम्मान के साथ दशक्रम संपन्न किया, जो सामाजिक एकता और पारिवारिक संस्कारों का भी प्रतीक है।

दुलाल भुईयां ने कहा कि वे ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि स्वर्गीय समीर भुईयां की पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिवार को इस असहनीय दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करें। उन्होंने कहा कि समाज अपने दिवंगत सदस्यों को कभी नहीं भूलता और उनकी स्मृतियां सदैव सभी के बीच जीवित रहती हैं।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। पूरे आयोजन का समापन शांति पाठ और प्रसाद वितरण के साथ हुआ।

Related Post