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*खूंटपानी में प्लास्टिक कचरा प्रबंधन को लेकर डीसी ने किया निरीक्षण, ई-कचरा वाहन रवाना*

चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त मनीष कुमार ने शुक्रवार को खूंटपानी प्रखंड में संचालित प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन इकाई का निरीक्षण किया। इस दौरान उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार, सहायक समाहर्ता ईरा जोरवाल, खूंटपानी प्रखंड प्रमुख सिद्धार्थ होनाहागा, जिला परिषद सदस्य यमुना तियु, मटकोबेड़ा पंचायत की मुखिया माधुरी हेम्ब्रम, कार्यपालक अभियंता पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल चाईबासा विनोद कुमार, बीडीओ धनंजय पाठक और अंचल अधिकारी फुलेश्वर साव उपस्थित थे।

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने प्लास्टिक कचरे के संग्रहण, पृथक्करण और प्रबंधन की व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने प्लास्टिक एवं अन्य अपशिष्ट के व्यवस्थित संग्रहण और परिवहन के लिए ई-कचरा उठाव वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

उपायुक्त ने निर्देश दिया कि इकाई के आसपास की पंचायतों के लिए कचरा संग्रहण का रोस्टर तैयार किया जाए। ग्रामीणों को घरों से निकलने वाले प्लास्टिक और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने के लिए जागरूक किया जाए। निर्धारित तिथि पर वाहन के माध्यम से कचरे का उठाव कर उसे प्रबंधन इकाई तक पहुंचाया जाए। इकाई के नियमित संचालन के लिए पंचायत राज मद से वाहन चालक की व्यवस्था करने तथा ग्रामीणों को स्वेच्छा से सहयोग शुल्क देने के लिए प्रेरित करने का निर्देश दिया।

इसके बाद उपायुक्त ने मटकोबेड़ा पंचायत भवन में जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के साथ बैठक की। इसमें ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली 2026 के तहत गीला कचरा, सूखा कचरा, घरेलू खतरनाक कचरा और स्वच्छता अपशिष्ट को चार श्रेणियों में अलग करने की जानकारी दी गई।

बैठक में जल जीवन मिशन के हर घर जल योजना की भी समीक्षा हुई। उपायुक्त ने जलसहियाओं को क्षेत्र परीक्षण किट से पानी की नियमित जांच करने और उसका अभिलेख रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी और आपसी समन्वय से ही गांवों को स्वच्छ, स्वस्थ और सुंदर बनाया जा सकता है।

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