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एसआईआर को सरल बनाने में बीएलओ की भूमिका अहम : डॉ. पवन पांडेय

जमशेदपुर। एनसीपी की बैठक सोमवार को डिमना में आयोजित की गई, जिसमें विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान आम लोगों, खासकर महिलाओं को हो रही परेशानियों पर चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता तेजपाल सिंह टोनी ने की, जबकि संचालन गुरुमीत सिंह ने किया। बैठक में एनसीपी के राष्ट्रीय महासचिव (ननि) एवं मानगो प्रभारी डॉ. पवन पांडेय के अलावा तन्मय सरकार और ललित ढिंगरा मुख्य रूप से मौजूद थे।

बैठक में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। महिला कार्यकर्ताओं ने बताया कि एसआईआर की प्रक्रिया के दौरान महिलाओं को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस पर डॉ. पवन पांडेय ने कहा कि सभी राजनीतिक दलों के सक्रिय कार्यकर्ता अपने स्तर से प्रयास कर रहे हैं कि आम जनता को एसआईआर के दौरान किसी प्रकार की कठिनाई नहीं हो। चुनाव आयोग और स्थानीय प्रशासन की ओर से भी प्रक्रिया को सुगम बनाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन इसे और सरल बनाने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि एसआईआर की प्रक्रिया को आम लोगों के लिए सहज बनाने में बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) की महत्वपूर्ण भूमिका है। यदि बीएलओ अपने बूथ क्षेत्र में घर-घर जाकर लोगों से संपर्क करें, उनकी समस्याओं को समझें और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराएं तो प्रक्रिया काफी आसान हो सकती है। उन्होंने कहा कि यह धारणा नहीं बननी चाहिए कि एसआईआर से जुड़ी सारी जिम्मेदारी केवल आम जनता की है और व्यवस्था की कोई भूमिका नहीं है। प्रशासनिक व्यवस्था और बीएलओ जब सक्रिय होकर लोगों के बीच पहुंचेंगे तो उनके मन में मौजूद भ्रम दूर होंगे और लोग सकारात्मक तरीके से इस प्रक्रिया में भाग लेंगे।

डॉ. पांडेय ने एनसीपी कार्यकर्ताओं, विशेषकर महिला कार्यकर्ताओं से भी जनता के बीच जाकर एसआईआर से संबंधित समस्याओं को समझने और उनके समाधान के लिए प्रयास करने की अपील की। उन्होंने कहा कि समस्या को लेकर केवल चर्चा करने के बजाय उसके समाधान के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा।

बैठक में सविंदर कौर, जसवंत कौर और रंजनी सिंह समेत कई कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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