जमशेदपुर। चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची में कथित विसंगतियों के विरोध में पूर्वी सिंहभूम जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से सोमवार को जमशेदपुर में जोरदार प्रदर्शन किया गया। साकची स्थित आमबगान मैदान से कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पैदल मार्च निकाला, जो उपायुक्त कार्यालय पहुंचकर धरना-प्रदर्शन में तब्दील हो गया। प्रदर्शन में शामिल कांग्रेस नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की और राष्ट्रपति के नाम उपायुक्त को मांग पत्र सौंपा।
प्रदर्शन का नेतृत्व पूर्वी सिंहभूम जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रविंद्र सिंह ने किया। कार्यक्रम में पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष आनंद बिहारी दुबे, पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता सहित पार्टी के विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारी, प्रखंड एवं मंडल अध्यक्ष तथा बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। कांग्रेस कार्यकर्ता काले रंग की पोशाक पहनकर प्रदर्शन में पहुंचे और चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी की।
पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि आज का प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर किया गया है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग का दायित्व देश में निष्पक्ष चुनाव कराना और प्रत्येक मतदाता के मताधिकार की रक्षा करना है। कांग्रेस का आरोप है कि चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं और जनता के वोट के साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ की गई है।
बन्ना गुप्ता ने कहा कि ‘‘वोट की चोरी’’ के आरोपों का जवाब चुनाव आयोग को देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि चुनावी प्रक्रिया को लेकर जनता के मन में संदेह पैदा होता है तो लोकतांत्रिक संस्थाओं में विश्वास प्रभावित होता है। उन्होंने बिहार और पश्चिम बंगाल में चुनाव के दौरान मतदाता सूची और वोटों को लेकर उठे विवादों का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि भारत का लोकतंत्र महात्मा गांधी, डॉ. भीमराव आंबेडकर, बिरसा मुंडा और जयप्रकाश नारायण जैसे महान नेताओं के संघर्ष और बलिदान की देन है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों और मताधिकार की रक्षा के लिए उनका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।

