सोनुवा: आदिवासी समन्वय समिति, मनोहरपुर विधानसभा स्तरीय समिति की विशेष बैठक रविवार को आदिवासी कला सांस्कृतिक भवन, सोनुवा में अध्यक्ष पातोर जोंको की अध्यक्षता में हुई। बैठक में पिछले वर्ष 18 अक्टूबर 2025 को सोनुवा में आयोजित आदिवासी जन आक्रोश रैली की स्मृतियों को याद किया गया। साथ ही सामाजिक एकजुटता, संगठन की मजबूती और आदिवासी समाज से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई।
गौरतलब है कि पिछले वर्ष कुड़मी-महतो समुदाय को अनुसूचित जनजाति (एसटी) सूची में शामिल करने की मांग के विरोध में आदिवासी समाज ने जन आक्रोश रैली आयोजित की थी। इसमें बड़ी संख्या में महिला-पुरुष, युवा और विभिन्न क्षेत्रों के सामाजिक प्रतिनिधि शामिल हुए थे। पारंपरिक हथियार, झंडे, बैनर और तख्तियां लेकर रैली महुलडीहा से निश्चिंतपुर मैदान तक पहुंची थी। इस आयोजन में आदिवासी समाज की एकजुटता और अपनी पहचान तथा संवैधानिक अधिकारों के संरक्षण से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए थे।
बैठक में सदस्यों ने कहा कि पिछले वर्ष के महाजुटान से बनी एकजुटता को बनाए रखना जरूरी है। इसके लिए विभिन्न क्षेत्रीय संगठनों के बीच समन्वय बढ़ाने और समाज से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता के साथ उठाने पर जोर दिया गया।
बैठक में निर्णय लिया गया कि आगामी 22 नवंबर 2026 को आदिवासी समन्वय समिति, मनोहरपुर विधानसभा स्तरीय समिति का पुनर्गठन किया जाएगा। इस दौरान बुद्धिजीवियों और सामाजिक प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर क्षेत्र के प्रमुख जनहित के मुद्दों की पहचान की जाएगी। इन मुद्दों पर सर्वसम्मति से निर्णय लेकर उनके समाधान के लिए आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। जरूरत के अनुसार व्यापक जन आंदोलन की रूपरेखा भी बनाई जाएगी।
बैठक में समिति के उपाध्यक्ष डॉ. दिनेश चंद्र बोयपाई, सचिव उदय पुरती, कोषाध्यक्ष सिद्धांत कुमार बोदरा, अंतुराम केराई, गणेश बोदरा, बाबूलाल कोड़ाह, कृष्ण बाहन्दा, लक्ष्मण सामड, निरंजन बोयपाई, बासु बोयपाई और रमेश बोदरा सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।

