चतरा : जिले के लावालौंग थाना क्षेत्र से एक बेहद झकझोर देने वाली और सनसनीखेज घटना सामने आई है। जंगल में एक नाबालिग लड़की का शव पेड़ से लटका मिलने के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। शुरुआती जाँच में आत्महत्या प्रतीत होने वाला यह मामला असल में सामूहिक दुष्कर्म के बाद की गई निर्मम हत्या निकला। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस जघन्य वारदात में संलिप्त पाँच बाल अपचारियों को निरुद्ध कर लिया है। चतरा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) द्वारा आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस मामले का पर्दाफाश करते हुए बताया गया कि यह पूरी घटना एक पूर्व नियोजित साजिश के तहत हुई थी। आरोपी लड़के और लड़कियां अपने घरों से करीब 8 किलोमीटर दूर जंगल में मिलने पहुंचे थे। वहाँ इन सभी ने मोबाइल पर पोर्न वीडियो देखना शुरू किया, जिससे वे उत्तेजित हो गए। जब मृतका ने उनके इस कृत्य का कड़ा विरोध किया, तो गुस्से में आकर आरोपियों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और फिर साक्ष्य छिपाने के लिए गला घोटकर उसकी हत्या कर दी। हत्या को आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को महुआ के पेड़ से गमछे के सहारे लटका दिया गया था। पुलिस ने जब आरोपियों के मोबाइल फोन की जाँच की, तो उनकी सर्च हिस्ट्री में पोर्न वीडियो देखने के पुख्ता सबूत मिले हैं। पूछताछ के दौरान भी उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। घटनास्थल और मृतिका के शरीर से मिले भौतिक साक्ष्यों को एफएसएल (FSL) जाँच के लिए भेज दिया गया है। इस संदर्भ में लावालौंग थाना कांड संख्या 77/26 दर्ज कर बीएनएस (BNS) और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) की सुसंगत धाराओं के तहत सभी पांचों बाल अपचारियों को निरुद्ध कर किशोर न्याय बोर्ड (JJB) के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है। इस हाई-प्रोफाइल मामले के उद्भेदन और छापामारी दल में सदर एसडीपीओ सनी वर्धन, सिमरिया अंचल निरीक्षक पंकज कच्छप, लावालौंग थाना प्रभारी चंदन कुमार, पु0अ0नि0 विधायक प्रसाद यादव समेत सशस्त्र बल और स्थानीय चौकीदार शामिल रहे। नवरात्रि के पावन पर्व के दौरान घटी इस अमानवीय घटना से पूरे जिले में हड़कंप और भारी आक्रोश का माहौल है।
चतरा: लावालौंग के जंगल में नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के बाद निर्मम हत्या, एसपी ने किया सनसनीखेज खुलासा; 5 बाल अपचारी निरुद्ध

