चाईबासा: झींकपानी प्रखंड अंतर्गत दिऊरीबासा गांव में ग्राम विकास, सामाजिक एकता, बच्चों की शिक्षा, नशामुक्ति और पारंपरिक संस्कृति के संरक्षण के उद्देश्य से संचालित सामाजिक समिति ‘देशाऊली दिऊरीबासा इनुंग अखड़ा’ का पुनर्गठन किया गया। ग्राम सभा और विशेष कार्यक्रम के दौरान समिति का नया नाम ‘षेयां षेपेयां दुनुब अखड़ा दिऊरीबासा, झींकपानी’ रखा गया। इस अवसर पर ग्रामीणों की उपस्थिति में नई कार्यकारिणी का गठन किया गया।
बताया गया कि वर्ष 2020 में कोरोना महामारी के दौरान लागू लॉकडाउन के समय ‘देशाऊली दिऊरीबासा इनुंग अखड़ा’ का गठन किया गया था। उस समय विद्यालय बंद रहने के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। समिति के सदस्यों ने पहल करते हुए कोरोना संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए बच्चों को मास्क पहनाकर करीब नौ महीने तक नियमित रूप से निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराई।
समिति की ओर से ग्राम विकास और सामाजिक कार्यों में आर्थिक सहयोग के लिए सदस्यों से प्रत्येक सप्ताह 10 रुपये जमा करने की व्यवस्था भी शुरू की गई थी। जमा राशि का उपयोग जरूरत के अनुसार ग्राम विकास और सामाजिक हित के कार्यों में किया जाता रहा है।
फरवरी 2021 में मागे पर्व के अवसर पर गांव में स्पोर्ट्स डे की शुरुआत की गई। खेलकूद के माध्यम से बच्चों और युवाओं में अनुशासन, आपसी सहयोग और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करने का प्रयास किया गया। यह पहल आगे भी जारी रखने की बात कही गई।
समय के साथ बदलती परिस्थितियों और युवाओं की सोच को देखते हुए समिति की कार्यप्रणाली में बदलाव का निर्णय लिया गया। ग्राम सभा में सर्वसम्मति से नई कार्यकारिणी का गठन किया गया।
नई कार्यकारिणी में ठाकुर सिंह मुंडा को अध्यक्ष, लण्डा मुंडा को उपाध्यक्ष, प्रकाश मुंडा को सचिव, विनोद कुमार गोप को उपसचिव, जगदीश मुंडा को कोषाध्यक्ष और छोटा मुंडा को उपकोषाध्यक्ष बनाया गया।
सलाहकार के रूप में काशीनाथ गोप, सिदियु मुंडा, मंगल मुंडा, लक्ष्मी मुंडा, शकुंतला मुंडा और पालो मुंडा को शामिल किया गया। वहीं संरक्षक के रूप में दामु मुंडा, सुरसिंह मुंडा, रामाय मुंडा, मधुसूदन मुंडा, कुंदन मुंडा, हीरामणि मुंडा, मुक्त मुंडा, रोशनी मुंडा, सुकुमति मुंडा, जूनी मुंडा, सुशीला मुंडा और सिदियु मुंडा को जिम्मेदारी दी गई।
कार्यक्रम में गांव के सर्वांगीण विकास, समिति को मजबूत बनाने, बच्चों की शिक्षा में सुधार, युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने, नशामुक्त समाज के निर्माण तथा पारंपरिक संस्कृति और सामाजिक मूल्यों के संरक्षण पर चर्चा की गई।
ग्रामीणों ने कहा कि समिति का उद्देश्य सामाजिक कार्यक्रमों तक सीमित न रहकर बच्चों और युवाओं के भविष्य को बेहतर दिशा देना, ग्रामीणों में एकजुटता बढ़ाना और सामुदायिक सहयोग की भावना को मजबूत करना है। शिक्षा, खेल, संस्कृति और सामाजिक जागरूकता को समिति की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल किया गया।
कार्यक्रम के अंत में ग्रामीणों ने गांव के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने, बच्चों की शिक्षा को प्रोत्साहित करने, नशे से दूर रहने तथा अपनी भाषा, संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के लिए मिलकर काम करने की सामूहिक प्रतिज्ञा ली। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि नवगठित ‘षेयां षेपेयां दुनुब अखड़ा दिऊरीबासा, झींकपानी’ आगे भी गांव के विकास और समाजहित के कार्यों को मजबूती से आगे बढ़ाएगा।

