चाईबासा: सामाजिक और धार्मिक भटकाव पर रोक लगाने तथा हो समाज की भाषा, संस्कृति और परंपराओं से युवाओं को जोड़ने के उद्देश्य से आदिवासी हो समाज युवा महासभा की ओर से गुमुरिया पंचायत के पड़सा गांव में नुक्कड़ सभा का आयोजन किया गया। सभा का नेतृत्व ग्रामीण मुंडा हरिश पुरती ने किया।
सभा में पर्व-त्योहार, भाषा-संस्कृति, जन्म-मृत्यु, विवाह सहित हो समाज के विभिन्न अनुष्ठानों और समारोहों में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया। युवाओं से वार्षिक अधिवेशन, महाधिवेशन, दियूरी सम्मेलन, युवा महोत्सव, भाषा आंदोलन, उपरूम जुमूर और धार्मिक सम्मेलन जैसे कार्यक्रमों से जुड़ने की अपील की गई।
इस दौरान ग्रामीणों को असामाजिक गतिविधियों और समाज विरोधी ताकतों से दूर रहने के लिए जागरूक किया गया। वक्ताओं ने कहा कि समाज की भाषा, संस्कृति और परंपराओं को बचाए रखने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है।
मौके पर आदिवासी हो समाज युवा महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष इपिल सामड, महासचिव गब्बरसिंह हेम्ब्रम, क्रीड़ा सचिव नीरज जगमोहन सिंकू, जगन्नाथपुर अनुमंडल अध्यक्ष बलराम लागुरी, उपाध्यक्ष पुतकर लागुरी, डाकुवा चुंगू पुरती, सेवानिवृत्त शिक्षक दुल्लुराम सामड, दीपक पुरती, सोमनाथ पुरती, सुलतान पुरती, मोरनसिंह पुरती, रासिका पुरती, सुरेन्द्र पुरती, संजय पुरती, मासुरी पुरती, मनवन्ती पुरती, सुनिता पुरती, सावित्री पुरती, चंपा पुरती और जुगति पुरती सहित अन्य ग्रामीण मौजूद थे।

